West Bengal और Tamil Nadu चुनाव के बाद महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल, तेल कंपनियों को रोजाना 1600 करोड़ रुपए का घाटा
क्या 5 राज्यों के चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने वाली है। खबरों के अनुसार अमेरिका-इजराइल-ईरान में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से देश की सरकारी तेल विपणन बढ़ती लागत के बावजूद पंप कीमतों में बदलाव नहीं कर रही हैं। पेट्रोल पर घाटा बढ़कर 18 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। सभी पांच राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई हो की जाएगी।
Macquarie Group की इंडिया फ्यूल रिटेल रिपोर्ट के अनुसार, 135-165 डॉलर प्रति बैरल के स्पॉट प्राइस पर तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से मार्केटिंग घाटा करीब 6 रुपए प्रति लीटर बढ़ जाता है।
रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि West Bengal और Tamil Nadu जैसे राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले महीने उच्चतम स्तर पर इन तीनों कंपनियों को रोजाना करीब 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, जो अब घटकर लगभग 1,600 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है।
तेल विपणन कंपनियों ने अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस दौरान वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गईं, फिर इस साल की शुरुआत में करीब 70 डॉलर तक आईं और हाल ही में ईरान पर अमेरिका और इजराइल पर हमले के बाद फिर बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गईं। Edited by : Sudhir Sharma
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