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Last Modified: मुंबई , गुरुवार, 4 जून 2026 (14:30 IST)

SEBI का बड़ा एक्शन: 15 लाख करोड़ की फर्जी कमाई दिखाने के आरोप में राजेश एक्सपोर्ट्स पर शिकंजा, शेयर धड़ाम

99% तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया रेवेन्यू? SEBI के एक्शन से निवेशकों में हड़कंप

Rajesh Exports
सोने की रिफाइनिंग और जूलरी मेकिंग कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के शिकंजे के बाद बवाल मच गया। बाजार नियामक सेबी की जांच में पता चला कि कंपनी ने अपना रेवेन्यू 99 फीसदी तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था। कंपनी ने अपनी विदेशी कंपनियों के जरिए करीब 15.15 लाख करोड़ रुपए की फर्जी इनकम दिखाई। सेबी ने अगले आदेश तक राजेश मेहता को कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोक दिया है। ALSO READ: RBI ने सोना बेचने के दावे को किया खारिज, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को बताया गलत; जानिए क्या है पूरा सच
 
सेबी के एक्शन से शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते निवेशकों में भगदड़ मच गई और कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। कंपनी पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं, जांच के दौरान सहयोग न करने और कंपनी के रेवेन्यू को 97 से 99% तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप है।
 

क्या है मामला?

सेबी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच कंपनी ने सब्सिडियरी रेवेन्यू में करीब 15.15 लाख करोड़ रुपए की हेराफेरी की। यह इस अवधि के दौरान कंपनी की कुल रिपोर्टेड कमाई का 99.8 प्रतिशत है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021 से 2024 के बीच स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी 12,557 करोड़ रुपए की गड़बड़ी पकड़ी गई है। ALSO READ: सैम ऑल्टमैन की OpenAI को पछाड़ दुनिया की सबसे मूल्यवान AI कंपनी बनी एंथ्रोपिक; वैल्यूएशन सुन उड़ जाएंगे होश
 

क्या है सेबी का आदेश?

सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड तथा इसके प्रमोटर और कार्यकारी अध्यक्ष राजेश मेहता के खिलाफ SEBI अधिनियम और PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) विनियमों के तहत प्रथम दृष्टया उल्लंघनों को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। 
 
प्रथम दृष्टया पाए गए उल्लंघनों में निवेशकों को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में निवेश के लिए प्रेरित करने हेतु गलत वित्तीय जानकारी प्रस्तुत करना शामिल है। आरोप है कि कंपनी ने समेकित (कंसोलिडेटेड) राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया, फर्जी स्टैंडअलोन लेनदेन दर्शाए और समेकित वित्तीय विवरणों में गलतियां कीं।
 
इसके अलावा, व्यक्तिगत खातों के माध्यम से धन के दुरुपयोग (फंड्स के मिसयूज) के भी प्रथम दृष्टया आरोप सामने आए हैं। जांच और फोरेंसिक ऑडिटर के साथ सहयोग न करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
 
SEBI ने अपने आदेश में राजेश मेहता को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह जांच और फोरेंसिक ऑडिटर के साथ पूर्ण सहयोग करे तथा मांगी गई सभी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए।

क्या हुआ कंपनी के शेयरों का हाल

राजेश एक्सपोर्ट्स एनएसई तथा बीएसई दोनों पर लिस्टेड है। राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर बीएसई पर बुधवार को 110.15 रुपये पर बंद हुआ था और आज यह 5 फीसदी गिरावट के साथ 104.65 रुपए पर खुला। दोपहर 2:16 बजे इसके शेयर की वेल्यू 103.92 रुपए ही रह गए। 25 दिसंबर को इसके एक शेयर की वैल्यू 230.67 रुपए थी।
 

कंपनी ने खारिज की रिपोर्ट 

राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मेहता ने सेबी द्वारा कंपनी के खिलाफ दिए अंतरिम आदेश को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा है कि इसमें जो निष्कर्ष निकाले गए हैं, वे गलत हैं। कंपनी जल्द ही इस आदेश पर विस्तार से जवाब देने की तैयारी कर रही है।
edited by : Nrapendra Gupta 
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