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HDFC Bank Chairman: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बने नए पार्ट-टाइम चेयरमैन
एचडीएफसी बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। राजीव कुमार अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे। अतनु ने मार्च में नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अचानक से इस्तीफा दे दिया था। बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाडम चेयरमैन बनाने को मंजरी दी है। हालांकि, उनकी नियक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन: चंपत राय और कृष्ण मोहन से 3 घंटे पूछताछ
बैंक ने नियामकीय सूचना में कहा कि बोर्ड ने राजीव कुमार को 4 साल के लिए बैंक का इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 30 जून, 2026 से प्रभावी होगी।
कौन है राजीव कुमार?
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे राजीव कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे भारत के वित्त सचिव रहे हैं। 19 फरवरी 1960 को हसनपुर में जन्में राजीव कुमार ने 1979 और 1982 के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और वह टीईआरआई स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के पूर्व छात्र भी हैं। वे 2017 से 2020 तक वित्तिय सेवा विभाग में सचिव रहे हैं।
राजीव कुमार के निर्देशन में ही 2024 के लोकसभा चुनाव संपन्न हुए थे। करीब 3 साल के अपने कार्यकाल के बाद फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में सेवानिवृत्त हुए। इस कार्यकाल के दौरान उनके नाम पर कई उपलब्धियां रहीं। ALSO READ: मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी, किसे मिलेगा मौका और किसकी होगी छुट्टी, किसका बदलेगा विभाग
बैंक ने क्यों सौंप महत्वपूर्ण जिम्मेदारी?
बैंक ने कहा है कि वित्तीय सेवा विभाग के सचिव के तौर पर कुमार ने ऐसे समय पद संभाला था जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कई चुनौतियों से जूझ रहे थे। इनमें बड़ी मात्रा में बिना पहचान वाली गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA), पूंजी की कमी, इक्विटी और कर्ज का गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दे थे। एक मजबूत पॉलिसी और उसके कार्यान्वयन के जरिए, कुमार ने बैंक की बैलेंस शीट को साफ-सुथरा और मजबूत बनाने का काम किया। उन्होंने NPA की पहचान और उनके लिए प्रोविजनिंग को अनिवार्य बनाया, और इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत उधार लेने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित की।
पद छोड़ने के बाद हिमालय की किसी सुनसान जगह पर जाएंगे
जब कुमार पर सेवानिवृत्त्ति के बाद नौकरी पाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया गया तो उन्होंने घोषणा की कि वे पद छोड़ने के बाद स्वयं को डिटॉक्सीफाई (अंतस-शुद्धिकरण) करने के लिए 6 महीने के लिए हिमालय की किसी सुनसान जगह पर जाएंगे।
edited by : Nrapendra Gupta
