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US Iran Peace Deal : ईरान का दावा- 24 अरब डॉलर की संपत्ति होगी जारी, ट्रंप बोले- नहीं देंगे, क्या हो पाएगा समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर नए दावे सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अंतिम वार्ता शुरू होने से पहले अमेरिका ईरान की 24 अरब डॉलर की फ्रीज (जमा) संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी कर सकता है। हालांकि इस संबंध में विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं और दोनों देशों की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
इधर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई। कई जहाज तेल लेकर रवाना हुए हैं। कई जहाज दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं।
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ईरान का दावा- 24 अरब डॉलर की संपत्ति होगी जारी
ईरान के सरकारी मीडिया ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका वार्ता शुरू होने से पहले 12 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियां जारी करने पर सहमत हो गया है। इसके बाद अगले दो महीनों तक चलने वाली बातचीत के दौरान अतिरिक्त 12 अरब डॉलर और जारी किए जाएंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान कम से कम 300 अरब डॉलर के एक अलग पुनर्निर्माण (Reconstruction) फंड की भी उम्मीद कर रहा है, जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का योगदान हो सकता है।
ट्रंप बोले- कोई पैसा नहीं दिया जाएगा
इन दावों के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का ईरान के साथ संबंध पिछली सरकारों से अलग है। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल की तरह ईरान को अरबों डॉलर नहीं दिए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि बामा प्रशासन की तरह ईरान को नकद भुगतान नहीं किया जाएगा। इस समझौते के तहत किसी भी प्रकार का धन हस्तांतरण नहीं होगा।"
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा
शांति समझौते की पुष्टि के कुछ घंटों बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की घोषणा की। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के आवागमन के लिए खोलने की मंजूरी भी दे दी गई। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
'पे-फॉर-परफॉर्मेंस' मॉडल पर समझौते की चर्चा
अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी दावों को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। Axios की रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे "पे-फॉर-परफॉर्मेंस" समझौता बताया। इसका मतलब है कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा, तभी उसकी फ्रीज संपत्तियों को जारी किया जाएगा। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तेहरान इस व्यवस्था को पूरी तरह स्वीकार करेगा या नहीं।
300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड का दावा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज के अनुसार दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) में 14 प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इनमें कम से कम 300 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय निवेश एवं पुनर्निर्माण फंड का प्रावधान भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान में से किसी ने भी इस फंड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
19 जून को हो सकता है समझौते पर हस्ताक्षर
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया चलेगी। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दावा किया है कि दोनों पक्षों ने सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियां तत्काल समाप्त करने पर सहमति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हो सकते हैं।
इजराइल ने समझौता मानने से किया इंकार
इजराइल ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी कहा है कि, उनकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। लेबनान, सीरिया और गाजा में बनाए गए सिक्योरिटी जोन में इजराइली सेना अनिश्चितकाल तक तैनात रहेगी। Edited by: Sudhir Sharma
