हार्मुज स्ट्रेट पर सस्पेंस: ईरानी स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका को दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की वार्ता से पहले तनाव बढ़ गया है। अमेरिका की नाकेबंदी और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेल गालिबाफ के बयान से हार्मुज स्ट्रेट खुलने पर सस्पेंस गहरा गया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरका की नाकेबंद जारी रही तो स्ट्रेट ऑफ हार्मुज नहीं खुलेगा।
गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले 1 घंटे में 7 वादे किए, सभी झूठे थे। वे झूठ से युद्ध नहीं जीत सकते। हार्मुज खुलेगा या नहीं यह जमीनी हालात तय करेंगे। नाकेबंदी जारी रही तो हार्मुज नहीं खुलेगा। यहां से गुजरना ईरान पर निर्भर करेगा।
ईरान की ओर से यह भी साफ कर दिया गया कि यूरोनियम संवर्धन देश के बाहर नहीं जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान यूरोनियम संवर्धन अमेरिका को सौंपने को राजी हो गया है।
۱- رئیس جمهور آمریکا در یک ساعت هفت ادعا مطرح کرد که هر هفت ادعا کذب است.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 17, 2026
۲- با این دروغگوییها در جنگ پیروز نشدند و حتما در مذاکره هم راه به جایی نخواهند برد.
۳- با ادامهٔ محاصره، تنگهٔ هرمز باز نخواهد ماند.
अराघची ने किया था हार्मुज खोलने का एलान
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि युद्धविराम की बाकी बची अवधि के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए आवागमन पूरी तरह से खोल दिया गया है। ALSO READ: खुल गया होर्मुज स्ट्रेट, ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान, ऐसे जहाज कर सकेंगे पार
अमेरिका ने खत्म नहीं की नाकाबंदी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, 'ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि 'स्ट्रेट ऑफ ईरान' पूरी तरह खुला है और आवाजाही के लिए तैयार है। धन्यवाद!' हालांकि, कुछ ही देर बाद उन्होंने एक और पोस्ट कर कहा कि होर्मुज में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी।
ईरान ने अमेरिका से बातचीत से पहले लेबनान सहित पूरे मध्य-पूर्व में युद्धविराम की शर्त रखी थी। इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर के बाद ईरान ने हार्मुज खोलने का एलान किया था। हालांकि कुछ ही घंटों में मामला फिर उलझता नजर आ रहा है।
ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। यह भी दावा किया जा रहा है कि इस सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है।
edited by : Nrapendra Gupta

