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66 दिन बाद खुला हार्मुज स्ट्रेट: अमेरिका ने हटाई नाकेबंदी, फिर दौड़ने लगे तेल टैंकर

strait of hormuz
Strait of Hormuz blockade-ended : अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौते के बाद आज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से नाकेबंदी खत्म कर दी है। अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) द्वारा नाकेबंदी खत्म करने की घोषणा के बाद यहां से तेल टैंकर्स और अन्य जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। ALSO READ: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज
 
यूए सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी समुद्री जहाजों पर लगी नाकेबंदी हटा ली है। अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को नहीं रोक रही है।
 
सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकेबंदी हटने के बाद भी हमारे नेवी जहाज उस इलाके में मौजूद रहेंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि समझौते की सभी बातों का पालन हो रहा है और वे पूरी तरह से लागू हैं।
 

66 दिन बाद हटी नाकेबंदी

गौरतलब है कि अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था। अमेरिकी-इजरायल हमले के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इस पर अमेरिका ने हार्मुज की नाकेबंदी कर दी थी। 66 दिनों तक यहां अमेरिका की नाकेबंदी रही। इस वजह से दुनियाभर में तेल सप्लाय बुरी तरह प्रभावित हुई थी। बहरहाल MoU पर साइन होने के बाद अमेरिका ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की 14 शर्तों में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की शर्त भी शामिल थी।
 

अमेरिका ईरान वार्ता टली

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस ईरान से वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड नहीं जा रहे हैं। इसके बाद ईरान ने जिनेवा जा रहे अपने प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया है। इस वजह से आज अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता टल गई है।
 

अमेरिकी नाकेबंदी हटने से क्या फायदा?

कच्चे तेल की सप्लाई सुचारु होगी : हार्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। मार्ग खुला रहने से सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, इराक और कतर से तेल और गैस की आपूर्ति सुचारु होगी।
 
कम होगी महंगाई : भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। हार्मुज में तनाव कम होने से भारत को तेल और LNG की नियमित आपूर्ति मिलती रहती है। इससे महंगाई नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
 
तेल की कीमतों पर दबाव कम होगा : हार्मुज बंद होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो गया था। मार्ग खुलने से सप्लाई की चिंता घटेगी और कीमतों में स्थिरता आएगी।
 
शिपिंग और बीमा लागत घटेगी : तनाव के दौरान जहाजों के बीमा प्रीमियम और सुरक्षा खर्च बढ़ जाते हैं। स्थिति सामान्य होने पर परिवहन लागत कम होती है, जिससे आयातित वस्तुएं अपेक्षाकृत सस्ती पड़ सकती हैं।
edited by : Nrapendra Gupta
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