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Israel-Iran war : इजराइल-ईरान युद्ध फिर भड़का, ट्रंप के सामने नेतन्याहू की हठ, क्यों बढ़ा तनाव, हूती विद्रोहियों ने क्या दी चेतावनी, भारत ने कौनसी एडवाइजरी जारी की
पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े युद्ध की दहलीज पर पहुंच गया है। रविवार देर रात इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में सोमवार तड़के इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। 8 अप्रैल को हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
सोमवार सुबह से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजराइल ने दावा किया है कि ईरान की ओर से मिसाइलों की तीसरी खेप भी दागी गई है। इजराइली सेना ने ईरान के महशहर स्थित एक पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाने की बात कही है। इस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजराइल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हूती संगठन ने दावा किया है कि उसने इजराइल की ओर मिसाइलें दागी हैं और साथ ही लाल सागर (रेड सी) में इजराइली जहाजों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
हूती विद्रोहियों ने अपने बयान में कहा कि हम रेड सी में इजराइल के सभी समुद्री संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हैं। इस बयान के जारी होने के बाद दुश्मन की हर गतिविधि हमारे सशस्त्र बलों के लिए वैध सैन्य लक्ष्य मानी जाएगी।
ट्रंप ने नेतन्याहू से की थी संयम बरतने की अपील
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ईरान के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर उनसे जवाबी कार्रवाई नहीं करने और कूटनीतिक समाधान को मौका देने का आग्रह किया था। नेतन्याहू ने कहा कि हम ईरान के हर हमले का जवाब देंगे।
रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि अमेरिका ने बेरूत पर इजराइल के हमले के लिए कोई 'ग्रीन सिग्नल' नहीं दिया था। अधिकारी के मुताबिक ट्रंप का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है और मौजूदा हालात को और अधिक नहीं बिगाड़ना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि नेतन्याहू ने अमेरिकी आग्रह पर पूरी तरह सहमति नहीं जताई और सीमित रूप से ही उसका समर्थन किया।
भारत ने जारी की एडवाइजरी
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लोगों को फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से उपलब्ध किसी भी परिवहन माध्यम से सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने का आग्रह किया है।
कैसे बढ़ा नया तनाव?
रविवार को ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया था। तेहरान ने यह कार्रवाई लेबनान में इजराइली सैन्य हमलों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आक्रामक रणनीति के विरोध में की। लेबनान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष पहले से ही क्षेत्रीय तनाव का बड़ा कारण बना हुआ है।
रिपोर्टों के अनुसार रविवार को इजराइल ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भी हवाई हमले किए, जबकि अमेरिका ने उसे सैन्य कार्रवाई सीमित रखने की सलाह दी थी। इजराइल का कहना है कि उसके हमलों से पहले ईरान समर्थित हिजबुल्लाह लड़ाकों ने भी उस पर हमला किया था। Edited by : Sudhir Sharma
