Pakistan में ईरान-US बातचीत फेल, खेल और खतरनाक, क्या है Donald Trump का अगला प्लान, भारत पर कितना असर
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की बातचीत विफल होने के बाद मिडिल ईस्ट के अब हालात और भी गंभीर हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर ईरान उनके 'अंतिम प्रस्ताव' को नहीं मानता है, तो अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी कर सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा था- 'अगर ईरान नहीं झुका, तो राष्ट्रपति करेंगे नौसैनिक नाकेबंदी।' इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह से रोकना है। मीडिया खबरों के मुताबिक अगर तेहरान वाशिंगटन के 'फाइनल ऑफर' को ठुकरा देता है, तो अमेरिका ईरान के जहाजों को समुद्र में ही रोकने के लिए अपनी नौसेना का इस्तेमाल करेगा।
ट्रंप समर्थक मीडिया आउटलेट जस्ट द न्यूज ने आर्टिकल पब्लिश किया है, जिसमें कहा गया है कि इस नाकाबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। साथ ही, इससे ईरान के सहयोगी देशों चीन और भारत पर भी दबाव पड़ेगा, जो ईरान से होने वाले तेल निर्यात पर निर्भर हैं। ट्रंप का यह कदम उनकी सफल नाकाबंदी रणनीति को दोहराएगा। जनवरी में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने से पहले अमेरिका ने एक तगड़ी नौसैनिक नाकाबंदी लगा कर वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को झटका दिया था।
हॉमुर्ज जलडमरूमध्य पर क्या बोले ट्रंप
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का वादा किया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उनके मुताबिक, इससे दुनिया भर में चिंता और आर्थिक परेशानी बढ़ी है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने समुद्र में बारूदी माइन्स बिछाई, जिससे समुद्री जहाजों के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जहाज मालिक ऐसे इलाके में जाने का जोखिम नहीं लेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान की इस हरकत से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने ईरान से तुरंत इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को खोलने की मांग की।
वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता रविवार को बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई। वार्ता के बारे में कम जानकारी साझा करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बताया कि मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर था। इसे ट्रंप प्रशासन के लिए 'रेड लाइन' बताते हुए वेंस ने कहा कि ईरान को अपने कार्यक्रम को समाप्त करने और यूरेनियम संवर्धन रोकने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि हमें स्पष्ट आश्वासन चाहिए कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और उन्हें जल्दी हथियार बनाने के साधन भी नहीं खोजेंगे। यह राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) का मुख्य लक्ष्य है, और इसे ही हमने बातचीत के जरिए हासिल करने की कोशिश की।दूसरी ओर, ईरान ने कहा कि वाशिंगटन की मांगें 'अन्यायपूर्ण' हैं। ईरान ने यह भी कहा कि वह परमाणु बम बनाने की दिशा में काम नहीं कर रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें