सम्बंधित जानकारी
- नाकेबंदी पर टकराव तेज, क्या Iran–United States के बीच हो पाएगी दूसरे दौर की अहम वार्ता?
- US-Israel-Iran War Ceasefire : डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान छोड़े यूरेनियम संवर्धन, हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ
- 48 घंटे में Hormuz Strait खोलो वरना पावर प्लांट कर देंगे तबाह, डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को खुली धमकी, तेल संकट से दुनिया में हड़कंप
- Trump vs NATO : कागजी शेर है नाटो, ईरान युद्ध में साथ न देने पर डोनाल्ड ट्रंप का हमला, कहा- बिना अमेरिका कुछ नहीं
- Hormuz संकट में अमेरिका अकेला! जापान-ऑस्ट्रेलिया ने नौसेना भेजने से किया इनकार
Hormuz के लिए ईरान का नया चक्रव्यूह, भारत पर क्या होगा असर, ट्रंप ने दी नई धमकी
ईरान (Iran) ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था तैयार करने की घोषणा की है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी के मुताबिक इस नए तंत्र के तहत केवल व्यावसायिक जहाजों और ईरान के साथ सहयोग करने वाले देशों को प्राथमिकता दी जाएगी। इधर डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर धमकी दी है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के लिए एक विशेष रूट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है, जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। ईरान ने यह भी कहा है कि इस व्यवस्था के तहत दी जाने वाली विशेष सेवाओं के लिए आवश्यक शुल्क भी लिया जाएगा। ईरानी अधिकारी ने कहा कि यह मार्ग उन ऑपरेटरों के लिए बंद रहेगा, जो तथाकथित 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' से जुड़े हैं।
ट्रंप बोले- तूफान से पहले की शांति
ईरान और अमेरिका के बीच अभी सीजफायर चल रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी कोई 'शांति समझौता' नहीं हुआ है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई न करने को 'तूफान से पहले की शांति' बताते हुए धमकी दी है। यह चेतावनी ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने के बारे में अपने सहयोगियों के साथ चर्चा की खबरों के बीच दी गई है तो क्या अमेरिका अब साथी देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने की प्लानिंग कर रहा है?
New media post from Donald J. Trump
— Donald J Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) May 16, 2026
( TruthSocial: May 16 2026, 4:03 PM ET ) pic.twitter.com/dgXKB5ZeTJ
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह बयान सामने आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में शामिल है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हालांकि तनाव के बावजूद तेल, गैस और एलपीजी लेकर चलने वाले कई बड़े जहाजों ने फिर से इस मार्ग से गुजरना शुरू कर दिया है। ब्लूमबर्ग की शिप-ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार रविवार के बाद से कम से कम 10 बड़े जहाज होर्मुज से गुजरे हैं। इनमें भारत आने वाले एलपीजी जहाज सिमी और एनवी सनशाइन भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक संवेदनशील क्षेत्र से गुजरते समय इन जहाजों ने अस्थायी रूप से अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए थे। बाद में ओमान की खाड़ी में पहुंचने के बाद उनकी लोकेशन फिर दिखाई देने लगी।
ईरान बोला- बातचीत फेल हुई तो युद्ध को तैयार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत बेनतीजा रही तो ईरान सीधे युद्ध के लिए तैयार है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि तेहरान हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि बातचीत से स्वीकार्य नतीजे नहीं निकले तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा।उन्होंने दावा किया कि इस टकराव का असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है।
भारत पर भी पड़ सकता है असर
एनवी सनशाइन जहाज अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी की रुवैस रिफाइनरी से एलपीजी लेकर भारत आ रहा था। पहले इसका गंतव्य मंगलुरु था, लेकिन बाद में इसे बदलकर गुजरात के कांडला बंदरगाह कर दिया गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता है तो इसका असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने नई दिल्ली में कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं हैं और ईरानी नौसेना के साथ समन्वय बनाए रखते हैं, उनके जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि मौजूदा स्थिति काफी जटिल है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिलहाल ठप पड़ी हुई है और दोनों देशों ने एक-दूसरे के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।
अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है, लेकिन तेहरान अभी भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत आगे बढ़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा और समुद्री यातायात सामान्य हो जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma
