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Last Updated :तेहरान/दुबई , मंगलवार, 31 मार्च 2026 (23:42 IST)

विनाश के लिए तैयार रहें, ईरान की चेतावनी, 1 अप्रैल से Google, Apple और Microsoft समेत 18 कंपनियों को बनाएगा निशाना

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।  ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल से पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। IRGC ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें दिग्गज टेक और इंडस्ट्रियल कंपनियां भी शामिल होंगी।
ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजराइली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और 'टारगेट-सिलेक्शन' (लक्ष्य चयन) में मदद कर रही हैं। यह चेतावनी बुधवार, 1 अप्रैल को तेहरान समयनुसार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10.30 बजे) से प्रभावी होगी। IRGC ने इन संस्थानों के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत कार्यस्थल छोड़ने की सलाह दी है।
 

18 कंपनियों की हिट लिस्ट जारी

 
ईरान ने कुल 18 अमेरिकी कंपनियों को अपनी सूची में रखा है। IRGC के बयान के अनुसार कि इन कंपनियों को ईरान में होने वाले प्रत्येक आतंकी कृत्य (लक्षित हत्याओं) के बदले में अपने संबंधित यूनिट्स के विनाश के लिए तैयार रहना चाहिए।  ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजरायली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और 'टारगेट-सिलेक्शन' (लक्ष्य चयन) में मदद कर रही हैं।

ये कंपनियां निशाने पर 

ईरान के निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन), टेस्ला, बोइंग, डेल टेक्नोलॉजीज, हेवलेट पैकार्ड (एचपी), सिस्को, ओरेकल, मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम), जेपी मॉर्गन चेस, जनरल इलेक्ट्रिक, हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज जैसी कंपनियां हैं।
 
IRGC ने अपने बयान में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की भूमिका पर जोर दिया है।  ईरान की यह आक्रामक धमकी उसके एक और शीर्ष सैन्य कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल जमशेद इशागी की हत्या के बाद आई है। IRGC के कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी ने पुष्टि की कि इशागी और उनका परिवार एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारा गया है।

कौन थे इशागी? 

वह ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ में बजट और वित्तीय मामलों के प्रमुख थे। 2025 में अमेरिका ने उन पर चीन को तेल भेजने और उस पैसे से हिजबुल्लाह जैसे समूहों को फंडिंग करने के आरोप में प्रतिबंध लगाया था।ईरान के लिए यह युद्ध बेहद विनाशकारी रहा है।

28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी भी मारे गए। हालांकि इजराइल और अमेरिका का दावा है कि उन्होंने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर उसे पंगु बना दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अभी भी पलटवार करने की क्षमता रखता है। 1 अप्रैल की समय-सीमा  इस खतरे को और भी गंभीर बना देती है। Edited by: Sudhir Sharma