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West Asia Crisis : अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा
भारत ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रखने पर भी जोर दिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हाल के हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव से पश्चिम एशिया की शांति, सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। मंत्रालय ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई।
MEA ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हालिया हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर बेहद चिंतित है। ये घटनाक्रम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं। भारत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे संयम बरतें, तनाव को तत्काल कम करें, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और ऊर्जा आपूर्ति व वैश्विक व्यापार को बाधित न होने दें। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मौजूदा संकट का स्थायी समाधान केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है। भारत ने अमेरिका और ईरान से बातचीत की मेज पर लौटकर शांतिपूर्ण समाधान तलाशने का आग्रह किया।
ट्रंप ने दिए नए हमलों के संकेत
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर से हमले किए जाने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बीती रात ईरान के ठिकानों पर जोरदार हमला किया और जरूरत पड़ने पर आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए हुआ समझौता अब प्रभावी नहीं रहा और वह तेहरान के साथ आगे बातचीत के इच्छुक नहीं हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए किया गया अंतरिम युद्धविराम समझौता स्थायी समझौते की दिशा में बातचीत के लिए था, लेकिन कतर में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।
होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
इससे पहले अमेरिका ने दावा किया कि ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया।
समुद्री जहाजों पर हुए हमलों और उसके बाद की सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी और कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिससे क्षेत्र में हालात और संवेदनशील बने हुए हैं।
