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Strait of Hormuz : अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज को कैसे पार कर रहे हैं भारतीय जहाज, क्या है भारत की Secret Strategy
अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारत ने इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से अपने जहाजों की आवाजाही जारी रखी है। भारत पहुंच रहे इन जहाजों के जरिए न सिर्फ जरूरी संसाधनों की आपूर्ति बनी हुई है बल्कि संकट के समय भारतीय कूटनीतिक प्रयासों की भी सराहना हो रही है। हालांकि सुरक्षा कारणों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गईं।
28 फरवरी के बाद जिन भारतीय या भारत से जुड़े जहाजों ने इस मार्ग को पार किया उनमें शिवालिक, नंदा देवी, जग लाड़की, पाइन गैस, जग वसंत, BW Tyr, BW Elm और ग्रीन सांवी जैसे जहाज शामिल हैं।
While briefing the media on the recent developments in #WestAsia, Shri Opesh Kumar Sharma, Director, Ministry of Ports, Shipping & Waterways, stated that all Indian vessels and crew currently in the Persian Gulf are being closely monitored. All seafarers in Persian Gulf remain… pic.twitter.com/5Z670R60Wc
— Ministry of Ports, Shipping and Waterways (@shipmin_india) May 29, 2026
शुक्रवार को आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में पोत परिवहन मंत्रालय ने जहाजों की आवाजाही को लेकर समन्वय प्रक्रिया पर जानकारी दी। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा और हालात युद्ध तक पहुंच गए।
होर्मुज में मौजूद हैं 13 भारतीय जहाज
सरकारी जानकारी के अनुसार अभी में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में भारत के 13 ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं।
- 1 LPG टैंकर
- 5 कच्चे तेल के टैंकर
- 1 केमिकल/प्रोडक्ट टैंकर
- 3 कंटेनर जहाज
- 2 बल्क कैरियर
- 1 ड्रेजर शामिल है
बंदरगाह मंत्रालय में शिपिंग निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि भारत, ईरान और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए किया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक जहाजों की लोकेशन से जुड़ा डेटा सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है, लेकिन इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाए यह उपयोगकर्ता की मंशा पर निर्भर करता है।
उन्होंने बताया कि किस जहाज को प्राथमिकता दी जाएगी, यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MOPNG) और उर्वरक मंत्रालय के साथ समन्वय कर तय किया जाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद प्रभावित हुई। Edited by : Sudhir Sharma
