कप्तान कोहली ने बांधे देवदत्त की तारीफों के पुल, संजू ने कहा बल्लेबाजी पर देंगे ध्यान

Last Updated: शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021 (10:36 IST)
मुंबई:के कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग में पर 10 विकेट की शानदार जीत दर्ज करने के बाद देवदत्त पडीक्कल (नाबाद 101 रन) की शतकीय पारी की प्रशंसा की।
कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह शानदार पारी थी, उसने पिछली बार भी अपने पहले सत्र में अच्छी बल्लेबाजी की थी। 40-50 रन के बाद आक्रामक होने के बारे में बात की थी। शानदार प्रतिभा, भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करेगा। मुझे लगता है कि टी20 में साझेदारी काफी अहम होती है। ’’

कोहली ने भी नाबाद 72 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन वह शुरू में इतने आक्रामक नहीं थे और उन्होंने पडीक्कल को दूसरे छोर पर तेज खेलने दिया।
इस पर उन्होंने कहा, ‘‘आप हमेशा आक्रामक होने वाला खिलाड़ी नहीं हो सकते। जब दोनों में से एक खिलाड़ी तेज खेलता है तो मेरे लिये स्ट्राइक रोटेट करना अहम था और अगर मैं आक्रामक होता तो दूसरे छोर के खिलाड़ी को ऐसा करना होता। आज मेरी भूमिका थोड़ी अलग थी, मैं पिच पर डटे रहना चाहता था। लेकिन मैंने अंत में आक्रामकता बरती और पिच भी अच्छी थी। हमने 100 रन के स्कोर पर बात की थी और उसने कहा, चलो मैच खत्म करते हैं। ’’
कोहली ने गेंदबाजी के बारे में कहा, ‘‘देव की पारी शानदार थी, लेकिन मुझे लगता है कि आक्रामक गेंदबाजी और सकरात्मकता महत्वपूर्ण रही। हमारे गेंदबाजों में कोई बड़ा नाम नहीं है, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावी रहे हैं। टीम चारों मैचों में डेथ ओवरों में अच्छी रही। हमने 30 से 35 रन बचाये। ’’
वहीं राजस्थान रॉयल्स के युवा कप्तान ने कहा, ‘‘हमारे बल्लेबाजों ने शीर्ष क्रम के चरमराने के बावजूद अच्छा स्कोर बनाया था लेकिन उन्होंने एक भी विकेट गंवाये बिना लक्ष्य को हासिल कर और भी बेहतर प्रदर्शन किया। हमें कुछ चीजों पर काम करना होगा और अपनी बल्लेबाजी की ईमानदारी से समीक्षा करनी होगी। खेल यही होता है, हम विफल होने के बाद वापसी करते रहते हैं, चीजों पर काम करते रहते हैं। हार से निराशा होती है लेकिन आपको लड़ते रहना होता है। ’’
मैन आफ द मैच रहे पडीक्कल ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं, यह विशेष रहा। मैं सिर्फ गेंद का सामना करने के लिये अपनी टर्न का इंतजार कर रहा था। जब मैं कोविड-19 पॉजिटिव हुआ था तो मैं बस यहां आकर खेलना चाहता था। मैं पहले मैच में नहीं खेल पाया था, मुझे वो अखरता है। ’’(भाषा)



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