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Last Modified: वॉशिंगटन , बुधवार, 21 जनवरी 2026 (10:37 IST)

ट्रंप का एक साल, पूरी दुनिया बेहाल, ग्रीनलैंड से डिएगो गॉर्सिया तक दहशत

trump says greenland is US territory

One year of Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष वैश्विक उथल-पुथल से भरा रहा। टैरिफ वॉर छेड़ने, युद्ध रोकने के नाम पर नोबेल पुरस्कार की मांग, वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई, ईरान और ग्रीनलैंड को धमकी, नाटो पर विवादित बयान और अब डिएगो गॉर्सिया को लेकर ब्रिटेन को फटकार—इन सबने दुनिया को चिंता में डाल दिया है।

नाटो से क्यों नाराज हैं ट्रंप

ग्रीनलैंड पर नाटो देशों से तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अगर वे नहीं होते आज नाटो का अस्तित्व नहीं होता। यह इतिहास के कूड़ेदान में चला गया होता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा, डोनाल्ड जे. ट्रंप से ज्यादा किसी भी व्यक्ति या राष्ट्रपति ने नाटो के लिए कुछ नहीं किया है। अगर मैं नहीं आता, तो आज नाटो का अस्तित्व ही नहीं होता। यह इतिहास के कूड़ेदान में चला गया होता। दुखद, लेकिन यह सच हैं। ALSO READ: ग्रीनलैंड विवाद के बीच ट्रंप का दावा, मैं नहीं होता तो नाटो कूड़े दान में होता

नार्वे को धमकी भरा पत्र

डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने से नाराज ट्रंप ने नॉर्वे के पीएम को दो टूक कह दिया है कि अब वह 'केवल शांति' के बंधन में नहीं बंधे हैं। ट्रंप ने कहा कि मैंने 8 से ज्यादा युद्ध रोके, फिर भी आपके देश ने मुझे नोबेल नहीं दिया। इसलिए अब मैं 'केवल शांति' के बारे में सोचने के लिए बाध्य नहीं हूं। हालांकि शांति अच्छी बात है, पर अब मेरी प्राथमिकता सिर्फ वही होगा जो अमेरिका के लिए सही है। ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है। ट्रंप का कहना है कि डेनमार्क के पास ग्रीनलैंड के मालिकाना हक का कोई ठोस लिखित दस्तावेज नहीं है। ALSO READ: नोबेल विवाद से ग्रीनलैंड पर कब्जे तक, डोनाल्ड ट्रंप का वो पत्र जिसने हिला दी दुनिया

अमेरिकी नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला!

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर मंगलवार को AI से बने एक ऐसे नक्शे को पोस्ट किया है जिससे यूरोप में हलचल मच गई है। इसमें ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला अमेरिकी नक्शे में नजर आ रहे हैं। तस्वीर में कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे के लाल, सफेद और नीले रंगों में दिखाया गया है।
 

ग्रीनलैंड पर अमेरिका झंडा!

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो अमेरिकी झंडा लेकर ग्रीनलैंड की धरती पर खड़े हैं। उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद हैं। फोटो में ट्रंप के सामने एक बोर्ड लगा दिखाई दे रहा है, इस पर लिखा है, '2026 से ग्रीनलैंड अमेरिका का इलाका है।' ALSO READ: ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा, ट्रंप ने फोटो शेयर कर किया बड़ा दावा

युद्ध की कगार पर ग्रीनलैंड

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में डेनमार्क से ग्रीनलैंड लेना चाहते हैं। ट्रंप की इस हरकत के बाद ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और नाटो के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री नीलसन ने लोगों से संभावित सैन्य आक्रमण के लिए तैयार रहने को कहा है। कई नाटो देशों ने भी डेनमार्क के समर्थन में ग्रीनलैंड में सेना तैनात कर दी है।

डिएगो गॉर्सिया पर ब्रिटेन को फटकार

ट्रंप ने डिएगो गार्सिया पर 20 जनवरी 2026 को ट्रूथ सोशल पर ब्रिटेन की कड़ी आलोचना की है। डिएगो गॉर्सिया मध्य हिंद महासागर में स्थित है। यह ब्रिटिश इंडिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी का हिस्सा था, लेकिन 2025 में UK ने संप्रभुता मॉरीशस को सौंप दी। यहां पर अमेरिकी सेना का सैन्य बेस हैं।

ट्रंप का टैरिफ अटैक

अमेरिका ने भारत, चीन, इंडोनेशिया, ब्राजील समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगा रखा है। रूस से तेल खरीदी के नाम पर भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्ट टैरिफ भी लगाया गया है। ग्रीनलैंड मामले में यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। इधर पीस ऑफ बोर्ड में शामिल नहीं होने पर फ्रांस पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी की है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को धमकी, जानिए क्या है फ्रांस का रुख
 
बहरहाल अमेरिकी राष्‍ट्रपति के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरी दुनिया के लिए उथलपुथल भरा रहा। उन्होंने टैरिफ रूपी हथियार का इस्तेमाल पूरी दुनिया को डराने के लिए किया। इस वजह से उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 
edited by : Nrapendra Gupta
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