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ट्रंप बोले, भारत पर टैरिफ से रूस को लगा बड़ा झटका

donald trump
Donald Trump news in hindi : रूसी राष्‍ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत पर समेत कई देशों पर टैरिफ से रूसी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि रूस की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है। अमेरिकी व्यापार शुल्कों और वैश्विक दबावों से काफी प्रभावित हुई है। ALSO READ: अलास्का में पुतिन से मिलेंगे ट्रंप, क्या समाप्त करा पाएंगे रूस यूक्रेन युद्ध?
 
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि कई देशों पर अमेरिकी शुल्क लगाने के कारण जारी वैश्विक दबावों से रूस की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
 
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि रूस को अपने देश के निर्माण में फिर से जुट जाना चाहिए। यह एक विशाल देश है। रूस में अच्छा प्रदर्शन करने की अपार क्षमता है। वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। उनकी अर्थव्यवस्था इस समय अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है क्योंकि इससे वह बुरी तरह प्रभावित हुई है।
 
ट्रंप ने परोक्ष तौर पर भारत की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति उनके सबसे बड़े या दूसरे सबसे बड़े तेल खरीदार से कहते हैं कि अगर आप रूस से तेल खरीदते हैं तो हम आप पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे, तो यह एक बड़ा झटका है।
 
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क के अलावा के रूस से तेल आयात को लेकर बतौर जुर्माना 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है। ALSO READ: मुनीर को किसने बताया सूट पहना ओसामा बिन लादेन, धमकी पर जताई नाराजगी
 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर अपनी पोस्ट में कहा था कि वह यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने पर चर्चा के लिए 15 अगस्त को अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस मुलाकात से सकारात्मक निष्कर्ष निकल सकते हैं।
 
चीन को राहत : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार समझौते को 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया, जिससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक बार फिर से होने वाला खतरनाक टकराव टल गया है। चीन के साथ व्यापारिक समझौते की 90 दिन की पिछली समय सीमा मंगलवार रात 12 बजकर एक मिनट पर खत्म होने वाली थी। अगर ऐसा होता, तो अमेरिका चीन से होने वाले आयात पर पहले से जारी 30 प्रतिशत के उच्च करों को और बढ़ा सकता था और चीन अमेरिकी निर्यात पर जवाबी शुल्क बढ़ाकर इसका जवाब दे सकता था।
 
इस समझौते की अवधि बढ़ाने से दोनों देशों को अपने कुछ मतभेदों को सुलझाने का समय मिल गया है, जिससे संभवत: इस साल के अंत में ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच शिखर सम्मेलन का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, चीन के साथ व्यापार करने वाली अमेरिकी कंपनियों ने भी इसका स्वागत किया है।
edited by : Nrapendra Gupta
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