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Last Updated :वॉशिंगटन , बुधवार, 6 मई 2026 (10:53 IST)

ट्रंप ने रोका ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम, हार्मुज पर भी लिया बड़ा फैसला

us president donald trump on operation project freedom
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान वार्ता में प्रगति के चलते अस्थायी रूप से ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम रोक दिया। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने पाकिस्तान समेत कई देशों की अपील पर यह फैसला लिया।  हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकेबंदी पहले की तरह जारी रहेगी।
 
3 दिन पहले शुरू हुए इस ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह वही मिशन था, जिसके तहत अमेरिका जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए अपनी सेना तैनात कर रहा था। ट्रंप ने यह फैसला तब लिया है जब प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू होते ही ईरान ने UAE पर हमला कर दिया।
 
ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ' पर एक पोस्ट में लिखा, पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान हमें मिली जबरदस्त सैन्य सफलता, और इसके अतिरिक्त इस तथ्य को देखते हुए कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है, हम आपसी रूप से इस बात पर सहमत हुए हैं कि—जब तक नाकेबंदी पूरी तरह से लागू और प्रभावी रहेगी, 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से जहाजों की आवाजाही) को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है और इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं या नहीं।
 

नहीं खुलेगा हार्मुज 

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान के खिलाफ नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी। इसका मतलब हुआ कि ईरान से कोई भी जहाज होर्मुज पार नहीं कर पाएगा और न ही कोई शिप अरब सागर से ईरान तक पहुंचेगा। यह भी कहा जा रहा है कि ईरान के दबाव में अमेरिका ने यह फैसला किया है।

 

क्या था ऑपरेशन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'?

 
ऑपरेशन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम एक मिलिट्री ऑपरेशन था, जिसका मकसद ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्‍ट्रेट में फिर से सुरक्षित तरीके से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही शुरू कराना था। इस ऑपरेशन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को पार कराना था। होर्मुज स्‍ट्रेट बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, क्योंकि दुनिया के लगभग पाचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इस मिशन के लिए अमेरिका ने 15,000 से ज्यादा सैनिक, गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाज, हेलीकॉप्टर और 100 से ज्यादा विमानों की तैनाती की थी।
edited by :Nrapendra Gupta 
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