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होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने किया ईरानी ड्रोन पर हमला, ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी

Tensions rise again in Strait of Hormuz, US attacks Iranian drone
Tensions rise again in Strait of Hormuz : अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आज सुबह होर्मुज स्ट्रेट में 2 ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं। सेना का कहना है कि ये ड्रोन वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कोशिशों को नुकसान पहुंचाया है और इससे पूरे इलाके की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
 
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आज सुबह होर्मुज स्ट्रेट में 2 ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं। सेना का कहना है कि ये ड्रोन वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कोशिशों को नुकसान पहुंचाया है और इससे पूरे इलाके की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। इसके पहले शनिवार को अमेरिकी सेना ने ईरान की तरफ से दागी गई 6 मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था। ईरानी ड्रोन को ऐसे समय में निशाना बनाया गया है, जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिश कर रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका को लेकर चेतावनी दी है। ईरान की संसद के डेप्युटी स्पीकर अली निकजाद ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तेहरान के लिए परमाणु बम से भी ज्यादा जरूरी है।
निकजाद ने आगे कहा कि युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका का रुख विरोधाभासी है। ईरानी स्पीकर ने कहा कि सैन्य ताकत के दम पर अपनी मर्जी थोपने का अमेरिका का दौर खत्म हो चुका है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि अमरिका को नई क्षेत्रीय व्यवस्था को स्वीकार करना होगा या ईरान की शर्तों को मानना होगा, नहीं तो दुश्मन के अपमान का सिलसिला जारी रहेगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि हाल के हमलों के बाद यदि क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। दूसरी ओर अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसकी कार्रवाई सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर की गई। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में बढ़ रहे ईरानी ड्रोन को रोकने के लिए कदम उठाए गए।
Edited By : Chetan Gour
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