पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, कई समझौतों पर लगी मुहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'इंडोनेशिया गणराज्य के बिंटांग आदिपूर्णा' प्रदान किया गया। इसके बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौतों के आदान-प्रदान के गवाह बने। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और आत्मीय संबंधों का है, जिसे मिलकर दोनों देश आगे बढ़ाएंगे। ALSO READ: SIT जांच में बड़ा खुलासा, 40 दिनों में 70 बार चढ़ावे की चोरी, गिनती कक्ष में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
Addressing the joint press meet with President Prabowo Subianto of Indonesia.@prabowo https://t.co/LrvzAuUjzi
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
किन लोगों को दिया जाता है यह सम्मान?
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान 'बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया मेडल ऑफ ऑनर' दिया है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, निरंतरता और समृद्धि के लिए असाधारण सेवा की है। इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को इस सम्मान के लिए चुना है।
सर्वोच्च सम्मान मिलने पर क्या बोले पीएम मोदी?
उन्होंने कहा कि मैं इस गर्मजोशी से स्वागत के लिए अपने मित्र राष्ट्रपति प्रबोवो का आभार व्यक्त करता हूं। पिछले वर्ष भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में हमें उनका स्वागत करने का अवसर मिला। आज उनके आत्मीयता भरे निमंत्रण पर इंडोनेशिया की यात्रा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। आज सुबह मुझे बहुत स्नेह के साथ, आदर के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। ये सम्मान कोटि-कोटि भारतवासियों का है। इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं का है, भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और आत्मीय संबंधों का है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का आभार व्यक्त करता हूं।
प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का सौभाग्य मिलेगा। प्रम्बानन मंदिर एक हजार साल से भी पुराना है और भारत-इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
