1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. pakistan-airstrike-afghanistan-kunar-khost-paktika-taliban-reaction

अफगानिस्तान में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से 13 की मौत, तालिबान बोला- हमारी संप्रभुता पर हमला

pakistan air strike in afghanistan
पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में घातक हमले किए है जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। अफगानिस्तान ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य विमानों ने रात में उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। ALSO READ: POK में बगावत, पाक सेना की गोलीबारी में दर्जनों की मौत, भारतीय विदेश मंत्रालय बोला- खाली करो हमारा इलाका
 
तालिबान सरकार ने इन हमलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस ताजा हमले पर तुरंत कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
 
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि यह एक अपराध है। कल रात पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 14 अन्य लोग घायल हो गए। हम इस मानवीय अपराध और इस आक्रामकता की कड़ी निंदा करते हैं।

दोनों देशों में तनाव क्यों है?

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ समय में यह विवाद काफी हिंसक और गहरे सैन्य टकराव में बदल चुका है। 2021 में जब अफगानिस्तान में तालिबान की दोबारा सत्ता आई, तब पाकिस्तान को उम्मीद थी कि उसके रिश्ते बेहतर होंगे, पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट हो गई है। दोनों देशों के बीच इस गंभीर तनाव और हालिया सैन्य टकराव के चार मुख्य कारण हैं:
 
 
टीटीपी (TTP) या 'पाकिस्तानी तालिबान' का मुद्दा :  पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से आतंकवादी हमलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इन हमलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ है। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान में सुरक्षित पनाहगाहों में रह रहे हैं और अफगान तालिबान उन्हें शह दे रहा है। अफगान तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है और इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताता है।
 
डूरंड रेखा का ऐतिहासिक विवाद :  दोनों देशों के बीच की सीमा को 'डूरंड रेखा' कहा जाता है, जिसे 1893 में ब्रिटिश काल के दौरान खींचा गया था। अफगानिस्तान की कोई भी सरकार इस सीमा को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं करती। यह रेखा पश्तून समुदाय के लोगों को दो हिस्सों (आधे पाकिस्तान में और आधे अफगानिस्तान में) में बांटती है। जब पाकिस्तान इस सीमा पर बाड़ लगाने की कोशिश करता है, तो दोनों देशों की सेनाओं में झड़प हो जाती है।
 
हालिया सैन्य टकराव : तनाव अब केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक खुली जंग का रूप ले चुका है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के भीतर टीटीपी के संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाकर भारी हवाई हमले किए हैं। जवाब में अफगान तालिबान की सेना ने पाकिस्तान की कई सीमा चौकियों पर हमले किए हैं। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमले करने का भी दावा किया है।
 
रणनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर बदलाव : पाकिस्तान हमेशा से चाहता था कि अफगानिस्तान में ऐसी सरकार हो जो उसके प्रभाव में रहे लेकिन अफगान तालिबान ने सत्ता में आने के बाद पूरी तरह स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है। इसके अलावा, अफगानिस्तान के भारत के साथ सुधरते रिश्ते और संवाद भी पाकिस्तान की चिंता को बढ़ाते हैं।
edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
UP में बनेगा रोजगार का मेगा हब, 10 लाख युवाओं को हर साल ट्रेनिंग और नौकरी, योगी सरकार का बड़ा प्लान