कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम देशों ने भी दिखा दिया पाक को ठेंगा, भारत के साथ हैं मुस्लिम देश

वेबदुनिया न्यूज डेस्क| पुनः संशोधित सोमवार, 26 अगस्त 2019 (19:57 IST)
इस्लामाबाद। कश्मीर को काफी प्रयासों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना पाने से चूके पाक की बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है। और यही कारण है कि उसने इस्लामिक देशों पर भी अपनी बौखलाहट निकालनी शुरू कर दी है, जो कि पाक के सबसे अच्छे सहयोगी माने जाने रहे हैं।
स्मरण रहे कि इस्लामिक देशों ने को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए इस मामले में हाथ डालने से साफ मना कर दिया है तथा वे मोदी (भारत) के साथ ही हैं।

इस्लामिक देशों पर आरोप लगाते हुए के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मुख्य सहायक डॉ. फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि उनका देश कश्मीर मुद्दे को प्रभावी तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रहा है, लेकिन कुछ इस्लामिक देश अपने क्षुद्र स्वार्थों के चलते उनके प्रयासों की अनदेखी कर रहे हैं। यह अफसोसनाक है।
फिरदौस कश्मीर में अत्याचार की झूठी कहानी को दोहराते अंतरराष्ट्रीय मदद के लिए गिड़गिड़ाईं और बोलीं कि कश्मीरियों की परेशानियों को आवाज देने के लिए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आगे आना चाहिए। वे यही नहीं रुकीं और बोलीं कि भारत के लिए कश्मीर आसान निशाना है और वे चेतावनी देते हुए बोलीं कि अगर भारत, पर हमला करता है तो 22 करोड़ पाकिस्तानी अपनी सेना के साथ खड़े रहेंगे।
खाड़ी और मुस्लिम देशों के साथ भारत के बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय दोस्ताने ने पाक के कश्मीर पर किए जा रहे प्रयासों को निष्फल कर दिया है और उसकी ओर से मोदी की छवि को इस्लामोफोबिक बताने के झूठे दावे की पोल भी खोल दी है।

पाक को इस्लामिक देशों की ओर से समर्थन मिलना तो दूर, यूएई में पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ जायेद' से सम्मानित कर दिया गया है, जो कि वहां का सबसे बड़ा सम्मान है। मोदी की बहरीन यात्रा भी बेहद सफल रही है। इन यात्राओं ने भी पाकिस्तानी प्रयासों के प्रभाव को खत्म कर दिया है।

 

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