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इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी
हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन हिजबुल्ला के नेता के विरोध से इसके प्रभावी होने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वॉशिंगटन में शुक्रवार को हुआ समझौता लेबनान से इजराइली सेना की वापसी और हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण के बारे में है लेकिन संगठन ने इसे अस्वीकार कर दिया है। इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्ध शुरू होने के बाद लेबनान ने इजराइल के साथ संघर्षविराम के लिए कई समझौते किए लेकिन उनमें से किसी को भी जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जा सका। ईरान युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद हिजबुल्ला ने मार्च में इजराइल पर हमला किया था। इसके बाद से लेबनान में इजराइली हमलों में 4,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।
हिजबुल्ला नेता नईम कासिम ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उनका संगठन तब तक लड़ता रहेगा, जब तक इजराइल को लेबनान से बाहर जाने के लिए मजबूर नहीं कर दिया जाता। समझौते की घोषणा के बाद संगठन के समर्थकों ने बेरूत की सड़कों पर प्रदर्शन किया।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने समझौते के बावजूद दक्षिणी शहर नबातियेह के पास इजराइली ड्रोन हमले की सूचना दी। एजेंसी ने यह भी बताया कि इजराइली सेना ने लेबनान के तीन और सीरिया के तीन कामगारों को रिहा कर दिया। इन लोगों को शुक्रवार को दक्षिणी गांव ऐन अरब के पास पकड़ा गया था।
इजराइल और लेबनान के बीच हुई बातचीत इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते से अलग है। शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी समझौते के ब्योरे के अनुसार, लेबनान और इज़राइल उस युद्ध की स्थिति को खत्म करेंगे जिसकी शुरुआत 1948 में इज़राइल के बनने के साथ हुई थी।
समझौते में कहा गया है कि हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण की शर्त पर इजराइल लेबनान से अपनी सेना वापस बुलाएगा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तब तक रहेगी, जब तक हिजबुल्ला और अन्य आतंकवादी संगठनों का निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता तथा लेबनान की ओर से इजराइल को खतरा समाप्त नहीं हो जाता।
हिजबुल्ला नेता कासिम ने कहा कि उनके संगठन की नजर में इस समझौते का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने समझौते को अपमानजनक बताते हुए कहा कि इजराइल की वापसी को हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण से जोड़ना बेहद खतरनाक प्रस्ताव है। Edited by : Sudhir Sharma
