यूरोप में गर्मी का प्रकोप, 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा तापमान, कई देशों में रिकॉर्ड टूटा, दर्जनों की मौत
यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी ने कई देशों में तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि स्कूल बंद करने पड़े हैं, परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और सरकारों ने स्वास्थ्य संबंधी आपात चेतावनियां जारी कर दी हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में बुधवार को तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है।
फ्रांस में टूटा 80 साल का रिकॉर्ड
फ्रांस में मौसम रिकॉर्ड शुरू होने के बाद का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। दक्षिण-पश्चिमी शहर पिसोस (Pissos) में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद देश के 50 से अधिक विभागों में उच्चतम स्तर का मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। भीषण गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह हाल के वर्षों की सबसे गंभीर शुरुआती गर्मियों की हीटवेव में से एक है और आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
गर्मी से बढ़ीं मौतें
फ्रांस में गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, नहरों और अन्य जल स्रोतों में उतरने वाले लोगों में से कम से कम 48 लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इसके अलावा भीषण गर्मी के दौरान पार्क किए गए वाहन में छोड़े जाने के कारण दो छोटे बच्चों की भी मौत हो गई।
स्पेन में भी हीटवेव का असर
स्पेन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अत्यधिक गर्मी के चलते हीटस्ट्रोक से दो बुजुर्ग लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। यूरोप के कई शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। रेल और सड़क परिवहन सेवाओं पर भी गर्मी का असर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती और स्वास्थ्य आपात स्थितियों की खबरें सामने आई हैं। Edited by : Sudhir Sharma
