सांप बेचकर करोड़ों कमा रहे चीन के सपेरे

बीजिंग| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 25 फ़रवरी 2013 (18:23 IST)
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बीजिंग। चीन के झेजियांग प्रांत में सांप पालने वाले किसान सांप बेचकर कर रहे हैं। चीन में सांपों का इस्तेमाल व्यंजनों के अलावा पारंपरिक दवाएं बनाने में किया जाता है और इसके लिए सांपों की बड़ी मांग है।


झेजियांग के ग्रामीणों ने एक अच्छा-खासा स्थापित कर लिया है जिसका आकार 2012 में 6 करोड़ यूआन (करीब 1 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया। पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत में स्थित कंपनी वुईजून बायोलाजिकल टेक्नोलॉजी के चेयरमैन वेन एइगुओ ने कहा कि सांप से बने उत्पादों की बिक्री 2012 में 10 प्रतिशत तक बढ़ गई।
वर्ष 1997 में कारोबार शुरू करने वाले एइगुओ ने एक व्यापक सांप उद्योग की श्रृंखला विकसित कर ली है जिसमें सांपों का पालन-पोषण करना, सह-उत्पादों का प्रसंस्करण और सांप आधारित पर्यटन विकसित करना शामिल है।


सांपों ने यांग होंगचांग की जिंदगी ही बदल डाली। होंगचांग ने झेजियांग प्रांत में 20,000 से अधिक सांपों को पाल-पोसकर बड़ा किया और अब वे लाखों डालर का कारोबार चला रहे हैं। 62 वर्षीय यांग को सर्पराज कहा जाता है।

अत्यधिक जहरीले कोबरा सहित कुछ सांप औषधि के स्रोत हैं, वहीं कुछ सांपों से लाजवाब तैयार किए जाते हैं। यांग के सांपों के बाड़े में सैकड़ों सांप सूखे तालाबों में रेंगते देखे जा सकते हैं और वे भागने ना पाएं, इसके लिए 0.8 मीटर ऊंची दीवार बनाई गई है।
यांग ने 1985 में किसी से 10,000 यूआन उधार लेकर अपने घर के आंगन में सांपों को पालना शुरू किया। शुरुआत में कुछ असफलता के बाद 1987 में उन्होंने अंतत: सांपों के करीब 30,000 अंडों से सपोलों को निकालकर उन्हें 80,000 यूआन में बेच डाला।

यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। यांग की सफलता से उत्साहित होकर और ग्रामीणों ने सांप पालने में निवेश किया और 2012 में गांव में 160 में से 108 परिवार सांप पालन के व्यवसाय में लगे हैं। (भाषा)



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