सुंदरियों ने खेला कंडोम ओलिम्पिक

Stefani Fernandez
नसाऊ (वार्ता)| वार्ता| Last Updated: सोमवार, 12 मार्च 2018 (13:18 IST)

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मिस वेनेजुएला के 'मिस यूनिवर्स' का ताज पहनने के बाद प्रतियोगिता की अन्य सुंदरियों ने एचआईवी एड्स जागरूकता अभियान के तहत 'ओलिम्पिक' में हिस्सा लिया।
वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में लगे संगठन पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) द्वारा तैयार एचआईवी एड्स शिक्षा कार्यशाला के तहत कंडोम में इन सुन्दरियों ने कंडोम को गुब्बारे की तरह इस्तेमाल करते हुए पानी भरे कंडोम उछाले और एक-दूसरे पर गेंद की तरह फेंके। उन्होंने ऐसा तब तक किया, जब तक वे फूट नहीं गए।

कंडोम ओलम्पिक का मकसद इन सुन्दरियों को उनके अपने देशों में एचआईवी संक्रमण के प्रति सकारात्मक संदेश के प्रसार के लिए प्रेरित करना था। पीएसआई ने इन सुन्दरियों को अपने कार्यक्रम यूथएड्स के सद्भावना दूत के रूप में चुनने का निर्णय लिया है।

वर्ष 2008 की डायना मेंडोजा ने महिलाओं में इस रोग के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मेंडोजा ने निकारागुआ और एल. सल्वाडोर में राष्ट्रीय एचआईवी निरोधक अभियानों में हिस्सा लिया था।

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पीएसआई के अधिकारी सेलोर्ने मैकडोनाल्ड ने कहा दुनियाभर की करोड़ों लड़कियों और महिलाओं ने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता को देखा और वे इन प्रतिभागियों के प्रति सराहना भरी नजरों से देखती हैं।

उन्होंने कहा कि ये सुन्दरियाँ अपने-अपने समाज में और दुनियाभर में युवा महिलाओं को एचआईवी संक्रमण से बचने की शिक्षा देंगी, जो उनके लंबा एवं स्वस्थ जीवन जीने में सहायक होगा।

एचआईवी एड्स शिक्षा कार्यशाला में इन लड़कियों को एक-एक कागज का टुकड़ा दिया गया और उनसे अन्य प्रतिभागियों से हस्ताक्षर लेने को कहा गया। लड़कियों को अहसास नहीं होने दिया गया कि प्रत्येक हस्ताक्षर का अभिप्राय एक यौन संबंध स्थापित करना था। कुछ लड़कियाँ अपना कागज का टुकड़ा एक अन्य व्यक्ति के साथ साझा करने पर सहमत हुईं, जबकि अन्य लड़कियों ने अपने कागज किसी के साथ साझा नहीं किए।

इन गतिविधियों के बाद लड़कियों को बताया गया कि खेल की शुरुआत में कुछ लड़कियाँ एचआईवी पॉजिटिव थीं। इसके बाद उनके द्वारा हस्ताक्षरित कागज के टुकड़े से पता लगाया गया कि संक्रमण कहाँ तक फैला। अंत में पाया गया कि जिन लड़कियों ने सिर्फ एक प्रतिभागी से कागज बदला और जिन लड़कियों ने किसी से नहीं बदला, वे एचआईवी निगेटिव रहीं।

इसी खेल में लड़कियों को कंडोम का इस्तेमाल करने की सही विधि बताई गई तथा कंडोम के कटने-फटने की सीमा की जाँच के लिए उसमें तब तक पानी और हवा भरी गई, जब तक वे फट नहीं गए।


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