1. समाचार
  2. वेबदुनिया सिटी
  3. इंदौर
  4. Outrage Spreads from Indore to Bhopal Over the Death of a Jain Nun in Rewa
Last Updated : सोमवार, 25 मई 2026 (15:41 IST)

रीवा में जैन साध्वी की मौत पर इंदौर से लेकर भोपाल तक आक्रोश, तपती धूप में ज्ञापन देने पहुंचे हजारों लोग

sadhvi death
मध्यप्रदेश के रीवा में सड़क दुर्घटना में दो आर्यिका माताओं के दर्दनाक निधन के बाद देशभर में जैन समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है। इस घटना को लेकर समाज ने इसे महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित साजिश करार दिया है और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसे लेकर इंदौर से लेकर भोपाल तक में प्रदर्शन हुए और समाज के लोगों ने अपनी कई तरह की मांगों के लिए ज्ञापन दिया।

इंदौर में आक्रोश रैली : सोमवार को इंदौर में आक्रोश रैली निकाली गई। केसरिया वस्त्रों में महिलाएं और सफेद ड्रेस में पुरुषों के साथ जैन ध्वज थामे हुए बच्चे आज सुबह सडक़ों पर नजर आ रहे थे। राजबाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक का मार्ग जैन धर्मावलंबियों से पटा हुआ था। समाजजन राजबाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच व संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की। हालांकि उस समय स्थिति बिगड़ती नजर आई, जब कुछ जैन युवा कलेक्टर के नहीं मिलने के कारण नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। हालांकि समाज के पदाधिकारी उन्हें मौन धरने का हवाला देकर मनाते नजर आए।

बता दें कि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्रुतमती माताजी एवं उपशममती माताजी की रीवा में विहार के दौरान कार से कुचलने से मौत हो गई थी। इस हृदय विदारक घटना के विरोध में देशभर में जैन समाज में आक्रोश है। समाज का आरोप है कि यह केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित कृत्य हो सकता है। इसे लेकर जैन समाज और अहिंसक समाज में गहरा रोष है। रैली में अशोक बडज़ात्या, सुरेन्द्र जैन बाकलीवाल, डी.के. जैन, कैलाश वेद, नरेन्द्र वेद, राजकुमार पाटोदी, संदीप जैन मोयरा, पिंकेश टोंग्या, मनीष अजमेरा, संजय जैन, महावीर जैन, अनामिका बाकलीवाल, ऋषभ पाटनी, सचिन जैन, छाया जैन, महावीर बैनाड़ा, दीपक पाटनी, वीरेन्द्र बडज़ात्या, नीलेश सेठी सहित हजारों समाजजन शामिल हुए।

संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग : सामाजिक संसद के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और महामंत्री देवेन्द्र सोगानी ने बताया कि ज्ञापन में विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा के लिए संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग भी उठाई गई। इसमें विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था शामिल करने की बात कही गई।

ये हैं प्रमुख मांगें
  • पूरे प्रकरण की SIT या न्यायिक आयोग से जांच।
  • CCTV और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने की व्यवस्था।
  • आरोपी और साजिशकर्ताओं पर हत्या (धारा 302) के तहत कार्रवाई।
  • देशभर में “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करना।
  • ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ बनाना।
  • संतों के खिलाफ अपराधों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दायरे में लाना।
  • संत भी सुरक्षित नहीं, तो व्यवस्था पर सवाल
  • ज्ञापन में कहा गया है कि जैन साधु-संत पूरी तरह निहत्थे और पैदल जीवन जीते हैं।
  • ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। बार-बार हो रही घटनाओं से समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें