जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ने पिछले 15 की तरह आज 8 मार्च 2026 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस गांव सनावदिया स्थित जिम्मी मगिलिगन सेंटर पर मनाया। कार्यक्रम सामूहिक प्रार्थना और जनक दीदी द्वारा सभी के कल्याण के बहाई प्रार्थना और उनके आंगन में लगे सिन्दूर से सभी को रंगपंचमी का तिलक लगाकर शुरू किया।
वरिष्ठ ट्रस्टी वीरेंद्र गोयल जी ने सभी का स्वागत किया और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी और आज के दिन को महिलाओं को उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। हर रिश्ते, हर रूप, हर हालात में उनका त्याग, उनकी समझ से संसार चलता है।
पद्मश्री जनक पलटा मगिलिगन दीदी ने कहा संयुक्त राष्ट्र ने इस साल 2026 के लिए जो थीम दिया है 'गिव टू गेन' पारस्परिक सहयोग और समर्थन की शक्ति पर बल देता है। महिलाओं की सामाजिक आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने वाला एक वैश्विक दिवस है। हमारे भारत के सविधान में समानता दी गई है, वास्तविक समाज के जीवन में अलग वर्गो में, गांव में, शहरों में जाति, शिक्षा और पुरुष मानसिकता में बहुत पीछे है। दूसरी तरफ जो गलत काम लड़के करते थे, आधुनिकता के नाम पर अभी लड़किया भी उन गलत कामों को करने को समानता समझने लगी है, जिससे हमारा समाजिक पतन होने लगा है।
महिला दिवस पर हम सभी महिला पुरुषों को मिलकर समाज और परिवार में परस्पर सद्भावना और नैतिकता बढ़ानी है। उन्होंने कहा बहाई लेखों के अनुसार, मानवता रूपी पक्षी के दो पंख हैं- एक महिला और दूसरा पुरुष। जब तक दोनों पंख समान रूप से विकसित नहीं होते, पक्षी उड़ नहीं सकता। हम सभी को परस्पर प्रेम और सद्भाव से रहते हुए स्वस्थ और प्रसन्न जीवन जीना, सभी पुरुषों और महिलाओं को महिलाओं को बराबरी पर लाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा हालांकि पुरुष महिला समान हैं, लेकिन इस समानता का मतलब एकरूपता नहीं है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए उनमें से किसी को भी एक-दूसरे से खतरा महसूस नहीं होना चाहिए। दोनों को घर काम करने की जगह देश और पूरी दुनिया को रहने के लिए बेहतर जगह बनाना है।
कार्यक्रम में जनक दीदी से सस्टेनेबल डेवलपमेंट में प्रशिक्षित और उनसे जुड़े हुए राहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग के संस्थापक वरुण राहेजा, निलेश, भारत सिंग, महेंद्र धाकड़, अंश धाकड़, सुनील पटेल और वरिष्ठ टरस्टी वीरेंद्र गोयल जी ने भी पहली बार सोलर कुकर पर खाना बनाया। पुरुषों ने सही समय पर गरमागरम और स्वादिष्ट खाना तैयार किया गया और सभी को परोसा।
खाने में पोहा, वेजिटेबल दलिया, मीठा दलिया, केक, कढ़ी, वेजिटेबल पुलाव, हलवा, तुवर की दाल, गुड्वाले मीठे चावल, वरुण रहेजा ने सोलर कुकर पर मिश्री वाला गुलकंद, नींबू का शरबत और सोलर ड्राई फ्रूट्स, स्प्राउट-सलाद और कुछ लोग फल, आइसक्रीम, केले और जनक दीदी के यहां के शहतूत मिलाकर सभी ने सामूहिक भोज का आनंद लिया। पुरुषों ने सोलर कुकर का इस्तेमाल करके स्वादिष्ट खाना बनाया। कार्यक्रम में रहेजा सोलर फ़ूड की निदेशिका श्रीमती बबीता राहेजा, उनके पति सागर मोती राहेजा और पर्यावरण संरक्षक राजेंद्र सिंह और चंचल कौर, प्रो राजीव संगल, श्रीमती निशा संगल, डॉ. शेफाली संगल, भारत सिंह आई टी, प्रो. रिषिना नातू, एनर्जी हॉस्पिटल से डॉ. ऐश्वर्या वर्मा, डॉ. प्रज्योत परदेशी, डॉ. आदित्यदीप वर्मा, सोलर इजनीयर सुसुमिता भट्टाचार्यजी, सामाजिक कार्यकर्ता सृष्टी और प्रणीत, सी.ए कृति कासलीवाल, सुजाता झा और तुहीना झा और गणमान्य स्नेहीजन उपस्थित रहे।
सभी इस बात से सहमत थे कि महिलाओं को सिर्फ़ एक दिन सेलिब्रेट करने के बजाय हमें हर दिन महिलाओं की तारीफ़ करनी चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। यह सेलिब्रेशन इस बात का एक प्रैक्टिकल उदाहरण था कि वुमेंस डे कैसे मतलब वाला और प्रेरणा देने वाला हो सकता है।
महिला दिवस को पुरुषों की पहल, इतनी भावना से सोलर कुकिग करना, जेंडर इक्वीलिटी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक तरीका था क्योंकि पुरुषों ने खाना पकाने और परोसने की ज़िम्मेदारी ली। सोलर कुकर का इस्तेमाल इस सेंटर के सस्टेनेबिलिटी और इको-फ्रेंडली तरीकों पर स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की रक्षा के लिए प्राकृतिक फोकस भी है। फाउंडेशन के ट्रस्टी वरिष्ठ समाज सेवी वीरेंद्र गोयल ने इस अनूठे प्रयास के लिए बहुत प्रशंसा की, सभी को बहुत धन्यवाद दिया।
रिपोर्ट- समीर शर्मा, (सचिव जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट)
Edited BY: Raajshri Kasliwal