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Last Updated : मंगलवार, 19 मई 2026 (17:54 IST)

इंदौर में हनीट्रैप का शिकार शराब कारोबारी, ब्‍लैकमेल कर मांगे 1 करोड़, 5 गिरफ्तार, एक हेड कॉन्स्टेबल भी शामिल

Honey Trap indore
इंदौर में हनीट्रैप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस कांड में कए शराब कारोबारी को हनीट्रैप का शिकार बनाया गया और एक करोड़ की डिमांड की गई। यह मामला शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान के साथ हुआ है। उन्‍हें हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया।

क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था। मामले की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन को बताया जा रहा है, जो 2019 के बहुचर्चित हनी ट्रैप केस में सजा काट चुकी है। उसे भी हिरासत में ले लिया गया है। फिलहाल, जांच जारी है।

डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि बाणगंगा इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय हितेंद्र सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से उनकी जान-पहचान है। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा की भी इस साजिश में संलिप्तता पाई गई है। पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

अलका का है क्राइम रिकॉर्ड : पुलिस उपायुक्त (क्राइम) राजेश त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाणगंगा क्षेत्र के निवासी 45 वर्षीय शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि द्वारकापुरी क्षेत्र की रहने वाली अलका दीक्षित से उनका पुराना परिचय था। अलका का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह अवैध शराब की तस्करी के मामलों में संलिप्त रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिसके चलते वह पुलिस की नजरों में थी।

ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम : कारोबारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त कार्ययोजना तैयार की। 17 मई की देर रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक आपात बैठक हुई, जिसमें आरोपियों को दबोचने के लिए 'मिशन सीक्रेट' की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए 40 कुशल जवानों को शामिल कर 7 अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने रात के समय द्वारिकापुरी और पीथमपुर में एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने अलका के बेटे जयदीप, स्वयं अलका दीक्षित और लाखन चौधरी को अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। इसके बाद भोपाल से मुख्य सूत्रधार श्वेता जैन को भी हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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