44 डिग्री के ताप में तपा इंदौर, अस्पतालों में लू के मरीजों की कतार, शहरभर में बनाए 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक
इंदौर में गर्मी का तापमान बढ़कर 44.3 डिग्री सेल्सियस हो गया है। कई साल के बाद इंदौर में यह स्थिति बनी है। तपते सूरज से धरती आग का गोला बनती जा रही है। हालात यह है कि धूप में अंडे उबल रहे हैं और मैगी बन जा रही है। धूप में रखी गाडियां जल रही हैं। आग की घटनाएं बढ़ गई हैं।
ऐसे में शहर में मरीजों की संख्या में भी जमकर इजाफा हुआ है। बुखार, उल्टी दस्त, लू और डिहाईड्रेशन के मरीजों की अस्पताल में भीड़ हो रही है। बता दें कि इंदौर में सोमवार को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए हैं।
डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों बढ़े : तेज धूप और लू के कारण डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पिछले दिनों तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन हवा में उमस और वातावरण में तपिश लगातार बनी हुई थी। सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले वर्ष 2024 में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं रविवार रात का पारा भी 3 डिग्री उछला और 29 पर आ गया। यह सामान्य से 4 डिग्री अधिक है।
बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप : मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में सूर्य के तेवर और कड़े हो सकते हैं, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा। सोमवार को सुबह से दिनभर चली गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने नागरिकों को बेहाल कर दिया और लोग पसीने से तरबतर नजर आए। इससे पहले रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी लोगों को घरों के भीतर राहत नहीं मिल सकी और स्थिति यह रही कि पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे थे।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या : तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के कारण शहर में लू लगने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग में डिहाइड्रेशन, बदन दर्द और तेज बुखार की शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है, जिसके कारण नागरिकों को अचानक चक्कर आना, उल्टी होना और गंभीर सिरदर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले में 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिला स्तर के सभी अस्पतालों में गर्मी से जनित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष वार्ड संचालित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता है। इसके अलावा अस्थमा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पहले से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी यह मौसम अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है। प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि वे दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि अत्यधिक कमजोरी या मुंह सूखने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : भीषण गर्मी से खुद को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। नागरिकों को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ का सेवन बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। खान-पान में बदलाव करते हुए मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल और चावल जैसे सुपाच्य एवं हल्के भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस मौसम में तले-भुने, अधिक मसालेदार और जंक फूड के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय हमेशा ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़ों का चयन करें और धूप से सुरक्षा के लिए टोपी, चश्मे या छाते का प्रयोग अवश्य करें।
Edited By: Naveen R Rangiyal
डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों बढ़े : तेज धूप और लू के कारण डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पिछले दिनों तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन हवा में उमस और वातावरण में तपिश लगातार बनी हुई थी। सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले वर्ष 2024 में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं रविवार रात का पारा भी 3 डिग्री उछला और 29 पर आ गया। यह सामान्य से 4 डिग्री अधिक है।
बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप : मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में सूर्य के तेवर और कड़े हो सकते हैं, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा। सोमवार को सुबह से दिनभर चली गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने नागरिकों को बेहाल कर दिया और लोग पसीने से तरबतर नजर आए। इससे पहले रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी लोगों को घरों के भीतर राहत नहीं मिल सकी और स्थिति यह रही कि पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे थे।
40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले में 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिला स्तर के सभी अस्पतालों में गर्मी से जनित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष वार्ड संचालित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता है। इसके अलावा अस्थमा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पहले से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी यह मौसम अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है। प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि वे दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि अत्यधिक कमजोरी या मुंह सूखने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : भीषण गर्मी से खुद को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। नागरिकों को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ का सेवन बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। खान-पान में बदलाव करते हुए मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल और चावल जैसे सुपाच्य एवं हल्के भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस मौसम में तले-भुने, अधिक मसालेदार और जंक फूड के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय हमेशा ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़ों का चयन करें और धूप से सुरक्षा के लिए टोपी, चश्मे या छाते का प्रयोग अवश्य करें।
Edited By: Naveen R Rangiyal

