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Tulsi ki Chutney : चटपटी और सेहतमंद तुलसी की चटनी

बुधवार,नवंबर 25, 2020
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कैसे तैयार करें घर पर तुलसी चाय का मसाला, अवश्य पढ़ें- 500 ग्राम तुलसी के पत्ते (जिन्हें छाया में रखकर सुखाया गया हो), 250 ग्राम सौंफ, 150 ग्राम छोटी इलायची के दाने,
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आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष के पूजन के साथ-साथ आंवले के व्यंजन खाने का खास महत्व है। आंवला पाचनशक्ति बढ़ाकर भूख बढ़ाता है तथा आलस्य को दूर करता है। अत: इस दिन खास तौर पर आंवले का सेवन किया जाना चाहिए। यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं आंवले कुछ खास व्यंजन, ...
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भारत के हर हिस्से में बनने वाली कद्दू की सब्जी का स्वाद अपने आप में बहुत अनूठा होता है। यह सब्जी अलग-अलग स्वाद में बनाई और खाई जाती है। खास तौर पर छठ पर्व के पकवानों में कद्दू की सब्जी का प्रमुख स्थान है। आइए जानें कैसे बनाएं यह खास तरह की सब्जी...
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दीपावली के त्योहार पर हर घर में अलग-अलग और पारंपरिक मीठे-नमकीन व्यंजन बनाए जाते हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं कुछ खास रेसिपीज-
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कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को सुहाग की लंबी उम्र और परिवार की मंगल कामना के लिए महिलाओं का विशेष व्रत 'करवा चौथ' किया जाता है। इस दिन सुहागिनें भूखी-प्यासी रहकर अपने पति को तिलक कर प्रणाम करके भोजन कराती हैं उसके बाद वे स्वयं भोजन करती हैं। आइए जानें इस ...
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अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट बना लें। बेसन और मैदे में आधा-आधा चम्मच सोडा, कसूरी मैथी, नमक, अजवाइन और 1 बड़ा चम्मच तेल का मोयन (मुठिया वाला) डालकर पूड़ी जैसा अलग-अलग गूंथ लें।
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दोनों दालों को कचोरी बनाने के 3-4 घंटे पूर्व भिगो दें। कुछ दाल छोड़ कर बाकी को दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा तेल लेकर सौंफ का बघार व हींग डालें,
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इन खास नमकीन व्यंजनों के बिना अधूरा है दशहरे का पावन त्योहार, पढ़ें 3 सरल विधियां...
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एक तो अभी कोरोना काल चल रहा है और इन दिनों मौसम बार-बार बदल रहा है और मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी, छींक, बुखार आदि की शुरुआत हो ही जाती है।
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किसी भी चतुर्थी तिथि पर श्रीगणेश का पूजन करते समय मोदक का प्रसाद अर्पण करने से वे प्रसन्न होकर वरदान देते हैं। आइए जानें सरल विधि...
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श्राद्ध महालय प्रारंभ हो चुका है। पितृ पक्ष के दिनों में अपने पितरों का तर्पण करते समय उनका पसंदीदा भोजन अवश्य बनाना चाहिए ताकि आपके पितृ प्रसन्न होकर सभी मनोकामना पूर्ण होने का आशीष आपको प्रदान करें। आइए जानें पितृ भोग की 7 सरल विधियां-
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दिगंबर जैन समाज में 21 अगस्त 2020, शुक्रवार को रोट तीज पर्व मनाया जाएगा। रोट तीज के दिन बनाया जाने वाला यह एक विशेष व्यंजन है, जो सभी घरों में रोटतीज (भाद्रपद शुक्ल तृतीया) के दिन बनाया जाता है।
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पोला पर्व के पारंपरिक व्यंजन- सबसे पहले एक प्रेशर कुकर में चने की दाल को अच्छी तरह से धोकर, दाल से डबल पानी लेकर
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अरबी के पत्तों की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले इन पत्तों को अच्छी तरह से साफ कर लें। कोरोना काल में सब्जियों को अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप पहले सादे पानी से इन पत्तों को धो लें, फिर गर्म पानी करके इसमें नमक डालें। फिर इन पत्तों ...
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तिरंगी पेस्ट्री बनाने के लिए सबसे पहले मलाई में आधा कटोरी शक्‍कर व गुलाब जल मिलाकर इसे अच्‍छी तरह फेंटे।
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सर्वप्रथम खोया और पनीर को एक थाली में कद्दूकस करके रख लें। अब इसमें शकर मिलाएं, तत्पश्चात कड़ाही में मध्यम आंच पर पकने दें। मिश्रण गाढ़ा होने पर वेनिला एसेंस
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पौराणिक मान्यता के अनुसार नागपंचमी के दिन गैस की आंच पर तवा नहीं रखा जाता है। अत: इस दिन अधिकतर घरों में दाल-बाटी और चूरमा बनाकर नाग देवता और शिवजी को भोग लगाया जाता है। यहां पढ़ें दाल-बाटी, चूरमा बनाने की आसान विधि :
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करेले को धोकर ऊपर के छिलके साफ बर्तन में निकालें। एक भाग में चाकू से चीरा लगाकर बीज इत्यादि निकाल कर छिलके के साथ रखें तथा प्याज के टुकड़े को पीसकर एक ओर रख लें। करेले के अंदर के भाग में नमक भरकर 15 मिनट तक रखें व उन्हें धो लें।
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ऐसे में आज आपको बताएंगे आखि‍र कैसे बनती है जलेबी। जानते हैं जलेबी बनाने की वि‍धि‍।
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