पूजा का सामान समझकर नहर में बहाए 2 लाख रुपए, सूरत फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद ढूंढ निकाले नोट
Gujarat News in Hindi : सूरत के पुणा गांव रोड स्थित निजानंद सोसाइटी में रहने वाले लिंबा परिवार ने अपने घर पर एक धार्मिक पूजा का आयोजन किया था। पूजा संपन्न होने के बाद सारा सामान अलमारी के पास रखा गया था, जहां पास ही तिजोरी में 2 लाख रुपए की नकदी भी पड़ी थी। परिवार के सदस्यों ने अनजाने में जल्दबाजी के चक्कर में पूजा के फूलों और अन्य सामग्री के साथ तिजोरी में रखे 500 रुपए के नोटों के चार बंडल (कुल 2 लाख रुपए) भी उसी थैले में भर लिए।
नहर में विसर्जन और परिवार में मची खलबली
परिवार के सदस्य इस थैले को लेकर अमेजिया टावर के पास स्थित नहर पर पहुंचे और इसे पूजा की सामग्री समझकर श्रद्धापूर्वक पानी में प्रवाहित कर दिया। जब वे घर लौटे और तिजोरी चेक की, तो उनके होश उड़ गए—2 लाख रुपए की नकदी गायब थी। कुछ ही पलों में उन्हें अहसास हुआ कि पूजा के सामान के साथ पूरी उम्र की जमापूंजी भी नहर में बहा दी गई है। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया और तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फायर ब्रिगेड का स्पेशल ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत डंभाल फायर स्टेशन को सूचित किया गया। फायर ऑफिसर और उनकी टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची। बहते पानी और अंधेरे के बीच पैसों का छोटा सा थैला ढूंढना बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा काम था। इसके बावजूद, फायर जवानों ने हार नहीं मानी और उफनती नहर के पानी में उतरकर तलाशी शुरू की। घंटों की कड़ी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार टीम को वह प्लास्टिक का थैला मिल गया।
सुरक्षित निकले नोटों के बंडल
जब वह थैला पानी से बाहर निकाला गया, तो उसमें रखे 500 रुपए के नोटों के चारों बंडल बिल्कुल सुरक्षित मिले। पूजा के फूलों के बीच दबे होने और प्लास्टिक की थैली की वजह से नोट भीगने से बच गए थे। फायर ब्रिगेड के जवानों की इस ईमानदारी और फुर्ती को देखकर लिंबा परिवार ने राहत की सांस ली और सभी जवानों का आभार व्यक्त किया। यह पूरी घटना किसी फिल्मी कहानी के सुखद अंत जैसी प्रतीत हुई।