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सौराष्ट्र में आपदा के बीच राज्य सरकार अलर्ट, मंत्री जीतूभाई वाघानी ने की समीक्षा बैठक

State government on alert amidst disaster in Saurashtra, Minister Jitubhai Vaghani holds review meeting
सौराष्ट्र क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश और उसके कारण उत्पन्न वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। अमरेली और राजकोट जिले के प्रभारी मंत्री जीतूभाई वाघानी ने आज सुबह गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमरेली, राजकोट और भावनगर जिलों के प्रशासनिक तंत्र के साथ एक उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मंत्री वाघानी ने तीनों जिलों की वर्तमान स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, निचले इलाकों की स्थिति और आपदा प्रबंधन योजना के तहत नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर प्रशासन को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
 

उच्च पदाधिकारियों और प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में एक्शन प्लान पर चर्चा

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया, भावनगर के प्रभारी मंत्री कौशिकभाई वेकरिया सहित स्थानीय सांसद और विधायक वर्चुअली जुड़े थे। स्थानीय नेताओं के अलावा तीनों जिलों के कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी (DDO), महानगरपालिका के कमिश्नर और जिला आपदा प्रबंधन के उच्च अधिकारी अपने-अपने एक्शन प्लान और लाइव रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहे। बैठक के दौरान नदी-नालों की स्थिति और जलाशयों में पानी की आवक पर गहराई से चर्चा की गई तथा बांधों की सुरक्षा और ओवरफ्लो की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए।

आपातकालीन सेवाएं स्टैंडबाय : जोखिमभरे होर्डिंग्स और मकानों को हटाने का आदेश

भारी बारिश के कारण नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए बिजली या पानी की आपूर्ति बाधित होने अथवा रास्ते ब्लॉक होने जैसी तात्कालिक समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए PGVCL, जलापूर्ति, सिंचाई और सड़क-मकान विभाग को स्टैंडबाय मोड पर रहने का आदेश मंत्री ने दिया है। इसके अलावा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खतरनाक मकानों और होर्डिंग्स की एक बार फिर से जांच करके जोखिम भरी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से हटाने की ताकीद की गई है।
 

स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद : आश्रय स्थलों में भोजन-पानी और स्वास्थ्य टीमें तैनात

बारिश के मौसम के बाद संभावित महामारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तालुका स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम कार्यशील करने के लिए कहा गया है, साथ ही क्लोरीन टैबलेट और ORS का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। विशेष रूप से गर्भवती माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य की विशेष देखभाल करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने और वहां उनके लिए भोजन-पानी की पर्याप्त एवं उचित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को कह दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में सरकार 'जीरो कैजुअल्टी' (शून्य जनहानि) के दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।

अमरेली जिले की स्थिति : 12 इंच बारिश, 2 NDRF की टीमें और हाई अलर्ट पर बांध

अमरेली जिले में चालू वर्ष में अब तक औसतन 12 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की कुल औसत बारिश के 42 प्रतिशत से भी अधिक है, जिसमें पिछले 24 घंटों में ही 2 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बचाव कार्य के लिए अमरेली में वर्तमान में NDRF की 2 टीमें तैनात की गई हैं। अब तक कुल 76 नागरिकों का रेस्क्यू और 641 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।

बंद हुई 25 सड़कों में से 19 सड़कों को बहाल कर दिया गया है। जलाशयों की बात करें तो धातरवड़ी (100%), सुरजवाड़ी (100%), खोडियार (96%) और रायडी (95%) बांध भर जाने के कारण हाई अलर्ट पर हैं, जबकि धातरवड़ी-2 को अलर्ट पर और शेल-देदुमल बांध को वॉर्निंग लेवल पर रखा गया है।
 

भावनगर जिले की स्थिति : मालन नदी में 8 लोगों का रेस्क्यू और 4 बांध हाई अलर्ट पर

भावनगर जिले में चालू वर्ष में औसतन 8 इंच बारिश हुई है, जो कुल औसत बारिश के 30 प्रतिशत से अधिक है और पिछले 24 घंटों में 3 इंच से अधिक बारिश गिरी है। राहत-बचाल के लिए यहां NDRF की 1 टीम तैनात है और नागरिकों के लिए 982 आश्रय स्थल निर्धारित किए गए हैं, जबकि 859 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है।
महुआ तालुका के ओथा गांव में मालन नदी के तेज बहाव में अहमदाबाद के 8 नागरिक कार सहित बह गए थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। जिले में पंचायत के अधीन आने वाली 7 बंद सड़कों पर डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पानी की भारी आवक होने से भावनगर का मालन (100%), शेत्रुंजी (100%), रोजकी (98%) और रंघोळा (96%) बांध हाई अलर्ट पर हैं।
 

राजकोट जिले की स्थिति : तालुका वार लायजन अधिकारियों की नियुक्ति और बांध वॉर्निंग पर

राजकोट जिले में चालू वर्ष में औसतन 5 इंच से अधिक बारिश हुई है, जो कुल औसत बारिश के 18 प्रतिशत से अधिक है और पिछले 24 घंटों में यहां 1 इंच से कम बारिश दर्ज की गई है। स्थिति से निपटने के लिए राजकोट में वर्तमान में NDRF की 1 और SDRF की 1 टीम को तैनात रखा गया है। जिले के वेणु-2 (76% भरा हुआ) तथा आजी-2 (73% भरा हुआ) बांध में पानी की निरंतर आवक के चलते उन्हें वॉर्निंग पर रखा गया है।
किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में बेहतर समन्वय बना रहे, इसके लिए प्रत्येक तालुका में एक डिप्टी कलेक्टर स्तर के लायजन अधिकारी की नियुक्ति की गई है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक तालुका में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन भी कर दिया गया है।
लेखक के बारे में
चेतन गौड़