1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. गुजरात
  4. Prime Minister Narendra Modi's special appeal made an impact in Gujarat

PM मोदी की अपील का गुजरात में असर, ईंधन बचाने के लिए CM समेत मंत्रियों ने शुरू की पहल

Prime Minister Narendra Modi's special appeal made an impact in Gujarat
Gujarat News : देश में पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई विशेष अपील का गुजरात में व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से लेकर राज्यपाल और कैबिनेट के सदस्यों तक कई प्रमुख हस्तियों ने ईंधन बचाने के लिए प्रतीकात्मक और व्यावहारिक निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनजागरूकता लाना है।
 

मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में की भारी कटौती

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वयं इस अभियान का नेतृत्व करते हुए अपने सुरक्षा काफिले में बड़ी कटौती की है। आमतौर पर मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान वाहनों का एक लंबा काफिला देखने को मिलता था, लेकिन अब इसमें से 10 से अधिक वाहन कम कर दिए गए हैं। हाल ही में अमरेली के एक कार्यक्रम में वे केवल दो-तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे थे। अब से जिला स्तर पर जुड़ने वाले अतिरिक्त पुलिस काफिले को भी मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यपाल और मंत्रियों ने भी अपनाई सादगी

न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी आम नागरिकों को ईंधन बचत का संदेश देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। वे अब बड़े काफिले के बजाय एसटी (ST) बस और ट्रेन में यात्रा करना पसंद करेंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया और राज्यमंत्री कांति अमृतिया ने भी अपनी पायलट कार की सुविधा छोड़ दी है, ताकि ईंधन की बर्बादी को रोका जा सके।
 

हर्ष संघवी ने रद्द किया विदेश दौरा

इस अभियान के तहत ईंधन और खर्च बचाने के प्रयास में गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपना निर्धारित अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है। प्रशासन के उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा लिए गए ऐसे कड़े फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार इस अभियान को गंभीरता से ले रही है और दूसरों के लिए उदाहरण पेश कर रही है।

जनजागरूकता और प्रशासनिक दक्षता पर जोर

राज्य सरकार इस पूरी पहल को केवल ईंधन की बचत के रूप में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजने के प्रयास के रूप में देख रही है। जब राज्य के सर्वोच्च पदों पर बैठे व्यक्ति सादगी अपनाते हैं, तो समाज के अन्य वर्ग भी इस दिशा में प्रोत्साहित होते हैं। आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी ईंधन बचत के लिए नए नियम लागू किए जाने की संभावना है।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें