रेबीज फ्री अहमदाबाद 2030 : 10 महीनों में होगी शहरभर के कुत्तों की गणना, अब तक 5000 से अधिक श्वानों में लगाई गई चिप
अहमदाबाद शहर को वर्ष 2030 तक 'रेबीज मुक्त' बनाने के लक्ष्य के साथ नगर निगम (AMC) द्वारा अत्याधुनिक (श्वान गणना) शुरू की गई है। वर्ष 2019 में शहर में लगभग 2.10 लाख आवारा कुत्ते थे, लेकिन अब नई गणना में दोहराव (duplication) रोकने के लिए GPS, फोटोग्राफी और जियो-टैगिंग जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक बहरामपुरा वार्ड में गणना पूरी हो चुकी है, जहां लगभग 1100 कुत्ते दर्ज किए गए हैं।
इस प्रोजेक्ट पर करीब 28 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे और अगले 10 महीनों में पूरे शहर के कुत्तों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। विशेष रूप से अब तक 5,071 कुत्तों में 'माइक्रोचिप' लगाई जा चुकी है, जिससे उनके स्थान, नसबंदी और टीकाकरण (vaccination) का विवरण आसानी से मिल सकेगा। ज़ोन के अनुसार देखें तो, दक्षिण ज़ोन में सबसे अधिक 1,642 और पश्चिम ज़ोन में 833 श्वानों का माइक्रोचिपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जो भविष्य में 'री-वैक्सीनेशन' की प्रक्रिया को और तेज बनाएगा।
AMC द्वारा पिछले सात वर्षों में कुत्तों की जन्म दर को नियंत्रित करने के लिए सघन कार्य किया गया है। वर्ष 2018 से अब तक कुल 1.86 लाख से अधिक श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण किया जा चुका है, जिस पर 18.78 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च हुआ है। इन निरंतर प्रयासों के कारण शहर में नए पिल्लों की संख्या में कमी आई है और बुजुर्ग कुत्तों की संख्या अधिक देखी जा रही है, जो शहर को रेबीज मुक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
Edited By : Chetan Gour
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