सम्बंधित जानकारी
- डायट के 3,346 पदों का स्थायीकरण, शिक्षा सुधारों को स्थायी आधार दे रही योगी सरकार
- 18 जून मौसम : 13 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट
- नज़्म: बरसात का मौसम
- मानसून की धीमी चाल ने बढ़ाई चिंता, कब पहुंचेगा मुंबई? इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
- गुजरात सरकार का ऐतिहासिक फैसला, वर्ष 2025-26 में 36 लाख से ज्यादा किसानों को 10337 करोड़ की आर्थिक राहत
गुजरात पर मेघ मेहरबान, बालासिनोर में हुई पौने 6 इंच बारिश, किसानों में खुशी की लहर
Gujarat weather update news : गुजरात में मानसून ने एक बार फिर जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुल 62 तालुकों (तहसीलों) में उल्लेखनीय बारिश हुई। इस बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई, तो दूसरी तरफ गर्मी से राहत मिलने से मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
बालासिनोर में आफत की बारिश : सबसे ज्यादा पौने छह इंच पानी बरसा
पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश महीसागर जिले के बालासिनोर में दर्ज की गई, जहां 5.79 इंच जितनी भारी बारिश हुई। इसके अलावा साबरकांठा के भिलोडा तालुक में 2.95 इंच और मेहसाणा के सतलासणा तालुक में 2.87 इंच बारिश हुई। अरवल्ली जिले के धनसुरा तालुक में भी 2.60 इंच बारिश दर्ज होने से स्थानीय नदी-नालों और जलाशयों में पानी की नई आवक हुई है।
खेड़ा और पंचमहाल जिले में झमाझम बारिश
खेड़ा और पंचमहाल जिले में भी इंद्रदेव जमकर बरस रहे हैं। खेड़ा जिले के गलतेश्वर तालुक में 2.24 इंच और कपड़वंज तालुक में 2.17 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं पंचमहाल जिले के घोघंबा तालुक में 2.05 इंच और जांबूघोड़ा तालुक में 2.01 इंच बारिश हुई। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण स्थानीय किसानों में भारी खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
अन्य तालुकों में हल्की से मध्यम बारिश और ठंडक
राज्य के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो कड़वाल तालुक में 1.93 इंच और साठंबा तालुक में 1.38 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बायड में 1.30 इंच, कठलाल में 1.26 इंच और गोधरा तालुक में 1.10 इंच पानी बरसा। इन मध्यम बौछारों के कारण पूरे इलाके में ठंडक फैल गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली।
जलाशयों में नया पानी और कृषि क्षेत्र में आनंद
राज्यभर में हुई इस व्यापक बारिश के कारण मानसून की रफ्तार और मजबूत हो गई है। कृषि क्षेत्र के लिए इस बारिश को बेहद महत्वपूर्ण और 'काले सोने' के समान माना जा रहा है। बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के जलाशयों, चेकडैमों और तालाबों में पानी की अच्छी आवक हो रही है, जो आने वाले समय में सिंचाई और पीने के पानी की किल्लत को दूर करने में बेहद मददगार साबित होगी।
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
