नक्सलियों का खतरनाक एजेंडा, 2050 तक लोकतंत्र का खात्मा...

संदीपसिंह सिसोदिया|
एक जानकारी यह भी है कि देश में चलने वाले विभिन्न आंदोलनों पर भी नक्सली संगठनों की गहरी नजर होती है। वे इन आंदोलनों के माध्यम से भी न सिर्फ देश और समाज की नब्ज टटोलने की कोशिश करते हैं बल्कि छद्म रूप से समाज में रह रहे अपने नेताओं के जरिए अपने लिए समर्थन जुटाने का प्रयास भी करते हैं।

नक्सली दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि वर्तमान जनतांत्रिक व्यवस्था और विकास-प्रक्रिया की असफलता को लेकर भ्रम, संशय, उहापोह की स्थिति का फायदा उठाकर किस तरह शहरी क्षेत्रों में समर्थन जुटाया जा सकता है। दस्तावेज में संकेत दिए गए हैं कि कैसे नक्सली शहरों में अपनी पैठ जमाकर अंततः समूचे देश को गृह-युद्ध में झोंक देंगे। 2050 में होगी भारत में नक्सल समर्थित सरकार... आगे पढ़ें...



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