COVID-19 : मार्च में शुरू होगा 50 से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण

पुनः संशोधित शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021 (19:57 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह से टीका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
लोकसभा में अजय मिश्र टेनी और विनोद कुमार सोनकर के पूरक प्रश्नों के उत्तर में डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि कोरोनावायरस (Coronavirus) के 2 टीकों के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 जनवरी 2021 को कोविड की शुरूआत की गई थी और देश में अब तक 50 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा, अभी सात टीकों पर काम चल रहा है। इनमें से तीन टीके क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं, जबकि दो टीके ट्रायल के पहले और दूसरे चरण में तथा दो टीके अग्रिम प्री-क्लिनिकल चरण में हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण अभियान के तहत पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले दो करोड़ कार्यकर्ताओं (फ्रंटलाइन वर्कर) को टीका लगाया जाएगा। डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर को टीका लगाने का काम 2 फरवरी से शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा, 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह से टीका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।मंत्री ने कहा कि अनुमानित तीन करोड़ स्वास्थ्य परिचर्या कर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मियों के टीकाकरण के लिए आने वाला व्यय लगभग 480 करोड़ रुपए है। प्रचालन लागत को पूरा करने के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को निधियों का वितरण कोविन पोर्टल पर पंजीकृत लाभार्थियों के अनुसार किया जा रहा है।

लोकसभा में जब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कोविड टीकाकरण से जुड़े पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे, उस समय कांग्रेस, द्रमुक, वामदल सहित कुछ अन्य दलों के सदस्य विवादित तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से कहा कि कोरोनावायरस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न पर सरकार जवाब दे रही है और आप भी जवाब सुनना चाहते हैं, ऐसे में आप सहयोग करें और प्रश्नकाल चलने दें।उन्होंने कहा, आपसे आग्रह है कि अपने स्थान पर लौट जाएं, ताकि प्रश्नकाल सुचारू रूप से चल सके।(भाषा)



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