जम्मू कश्मीर में Corona पॉजिटिव हुए 27, राजौरी में 5 गांव सील

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शनिवार, 28 मार्च 2020 (21:52 IST)
जम्मू। मरीजों की संख्या बढ़कर अब 27 हो गई है। आज श्रीनगर में 7 और मरीजों में यह पाया गया है। कश्मीर में एक मरीज की मौत के बाद कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान श्रीनगर के एक क्वारंटाइन केंद्र से 26 संदिग्धों के अस्पताल में तोड़फोड़ कर भाग जाने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। बाद में इन सभी को पकड़ लिया गया। दूसरी ओर जम्मू संभाग के राजौरी में नए मरीज मिलने के उपरांत 5 गांवों को सील कर दिया गया। इससे पहले लद्दाख में 6 गांवों को सील किया जा चुका है जहां 13 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
जम्मू कश्मीर में कोरोना से संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। आज शनिवार को श्रीनगर में 7 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसी के साथ केंद्र शासित प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 27 हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को श्रीनगर में 4 और राजौरी में 2 नए पॉजिटिव मामले सामने आए थे। राजौरी में मिले 2 पॉजिटिव में एक श्रीनगर में कोरोना से मरने वाले बुजुर्ग मौलवी, जबकि दूसरा गुरुवार को पॉजिटिव पाए गए सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सक के संपर्क में था।

लद्दाख में अब तक 13 लोग पॉजिटिव हुए हैं। राजौरी के मंजाकोट में सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक डॉक्टर को एक दिन पहले पॉजिटिव पाए जाने के बाद शुक्रवार को यहां कर्फ्यू लगा दिया गया था। इस डॉक्टर के संपर्क में आए 5 परिजनों समेत 29 लोगों को फिलहाल एकांतवास में रखा गया है।

दूसरी ओर श्रीनगर के चट्टाबल और बटमालू क्षेत्र के कम से कम 26 लोग, जिन्हें गत शनिवार सुबह तड़के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल (जेएलएनएमएच), रैनावाड़ी, श्रीनगर में क्वारंटाइन केंद्र में रखा गया था, अस्पताल के दरवाजे-खिड़की के शीशे तोड़कर फरार हो गए। गनीमत यह रही कि अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी लोगों को पकड़कर वापस क्वारंटाइन केंद्र पहुंचाया।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को श्रीनगर के चट्टाबल क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद चट्टाबल और बटमालू से 14 महिलाओं और 12 पुरुषों सहित कई लोगों को अस्पताल में एहतियातन क्वारंटाइन केंद्र में रखा गया। हालांकि क्वारंटाइन किए गए लोगों ने यह शिकायत भी की कि वे अस्पताल की सुविधा से संतुष्ट नहीं हैं।

आज सुबह वे सभी अस्पताल में इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि जब से उन्हें यहां लाया गया है न तो किसी डॉक्टर ने उनकी सुध ली है, न ही उनके खाने-पीने का ख्याल रखा जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के इस रवैए के खिलाफ नारे लगाते हुए इन लोगों ने वहां से जबरदस्ती निकलने की कोशिश की।

जब अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो गुस्साए लोगों ने अस्पताल की खिड़कियां-दरवाजे तोड़ दिए और वहां से फरार हो गए।अस्पताल प्रशासन ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए फरार हुए सभी लोगों जो इस बीच अपने घर पहुंच गए थे, को वाहनों में भर वापस अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामले दर्ज कर लिए हैं।




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