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टिप्पणियां

D B S SENGAR

याद कीजिये..शरद पंवार और ममता बनर्जी पहले कांग्रेसी ही हुआ करते थे, उसके बाद उन्होंने सोनिया के विदेशी मूल का मुद्दा उठा कर कांग्रेस से अलग अपने अपने दल बना लिए थे..वो आज फिर से कांग्रेस के नजदीक हो रहे हे..क्या सोनिया के विदेशी मूल का मुद्दा अब मुद्दा नहीं रहा ? और कुछ नहीं इनकी सबकी दबी छुपी महत्वकांशा देश के सबसे शक्तिशाली पद को हथियाने की हे ? ये सब मेढक हे जो चुनावी साल में पैदा होते हे और फिर अपने अपने तालाबों की और लौट जाया करते हे..हर चुनावों के पहले इसी तरह की कसरत की जाती हे..होता जाता कुछ भी नहीं हे..क्योकि इनमे से देश का संवामान्य नेता होने के गन किसी भी एक में नहीं हे..सब के सब अपने अपने कुओ के मेडक हे..जिनकी बिसात देश में कुछ भी नहीं हे...?
X REPORT ABUSE Date 29-05-18 (02:20 PM)

nitin roy

विपक्ष है ही कहाँ ? विपक्ष जैसी चीज़ को हम लोगो ने २०१४ के लोकसभा चुनाव में ही हम लोगो ने गंगा में विसर्जित कर दिया था |२०१९ में भी उसके नदारत रहने की ही उम्मीद है | कथित प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस आज पूरी तरह से बैशाखी पे आ गई है, उसका उदय होना नामुनकिन सा ही है | बचे विपक्षी दल अपने अपने राज्य तक ही सिमित है ,सबका आपने अपना निजी स्वार्थ भी है एक साथ एक मंच पे आना , भारतीय राजनीती एक अलग ही दौर से गुजर रही है ,आज अगर तुम सरकार से सवाल करते हो तो ५० लोग मिल जायेंगे तुम्हे देशद्रोही ठहरने वाले ,ऐसा ही कुछ नेहरू और इंद्रा गाँधी के दौर में रहा होगा तभी आज देश उसका भुगतान कर रहा है वैसी ही एक खाई की ओर भारतीय राजनीत बढ़ रही है . सुचना क्रांति का दुरुयोग सही राजनीतिक दल कर रहे है ,चाहे वो सत्ता पक्ष हो या कथित विपक्ष | भारतीय राजनीती में विपक्ष का ना होना ,सरकारों को निरंकुश बनता जा रहा है , आज सब कुछ एक ड्रामा सा लगने लगा है , आज आज आप प्रश्न सरकार की नीतियों पे / योजनाओ पे उठाइये तो कुछ ट्रोल आपको देश द्रोही साबित करने में लग जाते है मैं उनसे ये पूछना चाहता हु के भाई मैं तो प्रश्न प्रधानमंत्री से पूछ रहा हु उत्तर आप दे रहे हो ? क्यों ? मुझे नहीं लगता के मेरे देश का प्रधानमंत्री इतना कमजोर है ,उसे आम जनता के प्रश्नो के उत्तर से भागना पड़े और इन ट्रोल का सहारे राजनीती की ज़रुरत पड़े | प्रधानमंत्री जी कहते है रेप पे राजनीती नहीं होनी चाहिए लेकिन क्या बिना राजनीती हुए पीड़िता की FIR दर्ज़ हुई थी ये भी समझने की बात है | मुझे तो उस दिन का इंतज़ार है जब भाजपा के स्पोकपर्सन ७० साल से देश बेहाल की जगह ये बोलेंगे की भाई फला दिन से हमारी ज़िम्मेदारी शुरू होगी आप हमसे सवाल पूछेंगे और हम आपको जवाब देंगे |ना के ये बताएँगे के राहुल गाँधी के परिवार ने क्या किया क्या नहीं किया जब हमे राहुल गाँधी को ही कोसना है तोह क्यों ना उस निकम्मे को ही सत्ता सौप दे ताकि बीजेपी पे कोई प्रश्न न उठा पाए
X REPORT ABUSE Date 25-05-18 (11:32 PM)

DBS SENGAR

विपक्ष हे कहा,,? विपक्ष से ज्यादा ताकतवर तो प्रदेशो की छेत्रीय राजनितिक पार्टिया हे..जो अपनी ताकत के बल पर राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को भी झुकाने की ताकत रखते हे..देश के अन्य राज्यों में भी कांग्रेस की हालात दयनीय ही हे..और रही सही कसर उसके नेता राहुल के उजुल फुजूल बयानों ने पूरी कर दी हे..लोग अब उसे गंभीरता से नहीं लेते हे..अब वो नेता की जगह हास्य अभिनेता ज्यादा मशहूर हो रहा हे ?
X REPORT ABUSE Date 25-05-18 (02:28 PM)

Lucky Saggi

विपक्ष एकजुट नहीं हो पायेगा और होना भी नहीं चाहिए, हमारी कोशिश हो कि विपक्ष एकजुट कभी हो भी नहीं पाए, क्योकि विपक्षी दलों की एक जुटता देश के लिए घटक सिद्ध होगी, ये दल देशविरोधी तत्वों को समर्थन देते हैं, देश में अशांति फैलाने वाले संगठनों के साथ खड़े हो जातें हैं ...
X REPORT ABUSE Date 23-05-18 (09:34 AM)

op

कल्पना करें आज भी बिखरी हुई कांग्रेस एक हो जाए जहां ममता बनर्जी और शरद पवार भी हों, तो सरकती हुई स्थिति में ठहराव आ सकता है. लेकिन यह हो कैसे? कब्जा तो हर हाल में 10 जनपथ का होना चाहिए, यही छत्र-चंवर-राजपाट-वंशवाद है. इसी जिद ने कांग्रेस को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में विसर्जित किया है. यही हनक आरावली, विंध्य-सतपुड़ा और हिमाचल की तराई की चुनावी लैंड स्लाइडिंग में पार्टी संगठन को जमींदोज हो जाने के लिए जिम्मेवार है.
X REPORT ABUSE Date 22-05-18 (03:40 PM)

op

अभी जो क्षेत्रीय पार्टियां तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिशों में जुटी हैं, वे सभी अपने-अपने सूबे में असर रखने वाली पार्टियां हैं। उनमें एक भी पार्टी ऐसी नहीं है जिसका कि अपने सूबे से बाहर थोड़ा भी जनाधार हो। फिर इन पार्टियों में कोई ऐसा नेता भी नहीं है जिसका नेतृत्व सबको सहज रूप से स्वीकार हो जाए। ऐसे में तीसरे मोर्चे की कवायद के परवान चढ़ने को लेकर शंका करने की पूरी-पूरी गुंजाइश बनती है।
X REPORT ABUSE Date 22-05-18 (03:37 PM)

DBS SENGAR

जिस कांग्रेस में देश को सर्वाधिक प्रधान मंत्री दिए, जिस कांग्रेस की किसी समय देश में तूती बोलती थी..लोकसभा से लेकर पंचायत तक सिर्फ कांग्रेस और कांग्रेस ही थी...आज उस राजनितिक पार्टी की हालात देखिये की वो अब किसी भी राज्य में अकेले अपने दम पर भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला नहीं कर सकती हे..प्रदेशो के छोटे छोटे राजनितिक दलों के पीछे खड़े होने में भी उसे कोई गुरेज नहीं हे ? भगवान् ऐसे दिन किसी भी राजनितिक पार्टी को न दिखाए ?
X REPORT ABUSE Date 21-05-18 (02:03 PM)

d

सबसे लम्बे आरसे तक देश पर एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस की हालात आज कोठे के बहार बैठी उस बुजुर्ग वेश्या सी हो गयी हे..जिसे कोई देखता तक नहीं हे और वो किसी के भी साथ कुछ भी करवाने के हसी ख़ुशी सहमत हो जाती हे..और सके दल्ले इस उम्मीद में बैठे हे की हमारी वेश्या फिर से जवान होगी और हमारा कोठा फिर से गुलजार होगा ?
X REPORT ABUSE Date 21-05-18 (01:51 PM)

Rakesh Kumar Gupta

गोवा, मणीपुर, मेघालय एवं बिहार की घटनाओं के बाद आर.एस.एस./भाजपा की जनादेश की अवहेलना करके सरकार को हड़पने की राह में हौसले बहुत ही बुलंद हो चुके थे और इन लोगो द्वारा लगातार लोकतन्त्र एवं संविधान की बड़ी बेशर्मी से हत्या की जा रही थी | कर्नाटक की घटना में कांग्रेस, जे.डी.एस. एवं अन्य विरोधी दलों की सतर्कता एवं सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से आर.एस.एस./भाजपा की काफी छीछालेदार हो चुकी है और कडा संदेश मिला है | लेकिन इन लोगों के अतीत को देखते हुए लगता नहीं कि ये लोग अपनी संविधान एवं लोकतन्त्र विरोधी बेशर्म हरकतों से बाज़ आएंगे ?
X REPORT ABUSE Date 21-05-18 (12:13 PM)