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टिप्पणियां

SHANKAR AGARWAL

आज के समय में यह बहुत अच्छ ा निर्णय होगा क्योकि इससे साडी व्यवस्था सुचारु रूप से चलेगी
X REPORT ABUSE Date 26-07-17 (05:59 PM)

SANDEEP KUMAR

जीरो किसी को कुछ नहीं मिलेगा जो मिलेगा बस सरकार को मिलेगा
X REPORT ABUSE Date 26-07-17 (03:44 PM)

Kishnendra Upadhyay

जी.एस.टी.. पुरानी कर व्यवस्था का ही बदला हुआ नाम है, जैसे उत्तर प्रदेश मैं रोड परमिट फिर से जरूरी हो गया, एक्साइज , वैट और केंद्रीय कर की जगह जी.एस.टी में नए नाम से तीन कर एक नंबर के साथ जोड़कर कर दिए बाकि सब पुराने तरीके से ही चल रहा है ........
X REPORT ABUSE Date 26-07-17 (03:24 PM)

D B S SENGAR

जी.एस.टी.. का तत्कालीन लाभ तो ये मिला हे की सभी प्रदेशो की सीमाओं पर लगने वाले बेरियर ख़तम कर दिए गए हे..उनमे लगने वाला समय अब सामान तो उसकी जगह पहुंचने के काम आएगा..लाखो लीटर तेल जो बहानोंका जल जाया करता था उसकी बचत हो गयी..
X REPORT ABUSE Date 25-07-17 (02:38 PM)

Rakesh shukla sagar rai pur srn bhadohi

GST is very use full for nation ,will be reduce common commodities rates in future and theft of tax also reduced which will be beneficial in future in india.Rakesh shukla
X REPORT ABUSE Date 24-07-17 (01:32 PM)

RAM GOPAL JANGIR

100% लेकिन इसमें अभी वक़्त लगेगा. कम से कम दो साल तो लगेंगे ही
X REPORT ABUSE Date 24-07-17 (12:42 PM)

MEENA

ha 2019 tak election tak fayda hoga
X REPORT ABUSE Date 25-07-17 (10:17 AM)

Mahesh Saraf

१००% लेकिन थोड़ा समय लगेगा
X REPORT ABUSE Date 24-07-17 (12:08 PM)

GS GAUR

ावैरीगुड डिसिशन बी गोवेर्मेंट.
X REPORT ABUSE Date 22-07-17 (12:48 PM)

MANISH MAYANK

बहुत अच्छा है मोदी सरकार किया काम कर रही है भाई वाह
X REPORT ABUSE Date 21-07-17 (07:54 PM)

durga

SIRF GOVT KO HI FAYDA H AAM JANTA KO NHI KOI FAYDA. USE TO HAR TARAF S PARESHANIYON KA HI SAMNA KRNA PADTA H. JO PVT JOB KRTE H UNKI PAYMENT HI KITNI HOTI H AUR MEHGAAI DEKHO TO AASMAN CHOO RAHI H AUR YEH NAYE NAYE ROZ K FANDE ISSE AAM JANTA KO KYA FAYDA. MODI G BHI VIDESHO M HI JA JA KR DEKH RAHE H YAHAN AAM JANTA K BICH TO AAKAR DEKHO KI LOGO KO KITNI PARESHANIYON KA SAMNA KRNA PADTA H HAR ROZ.
X REPORT ABUSE Date 21-07-17 (10:41 AM)

sanjit purohit

विगत कुछ समय से जीएसटी पर जारी अनवरत चर्चा की गहराई में जाने पर व्यापारी वर्ग की मायूसी का पता चलता है । हैरानी इस बात की है कि व्यापारियों को टैक्स की रकम, ग्राहकों को विक्रय की गई वस्तु के बदले में मिले दाम के एक हिस्से से ही चुकाना है फिर इतनी हायतौबा क्यों । जबकि व्यापारी को अपनी जेब से टैक्स के रूप में कुछ अलग से जमा नहीं करना है, बल्कि ये तो वह रकम है, जिसे वह ग्राहकों से पहले ही वसूल चुका है । फिर जीएसटी के विरोध का आधार समझ से परे है । जीएसटी का विरोध करने वालों को यह बात जरूर सोचनी चाहिए कि उनके एक बडे वर्ग ने अब तक सरकार को कितना टैक्स ईमानदारी से अदा किया है । अब तक बाजार की स्थिति यह है कि दुकानदार 5 फीसदी से भी कम मामलों में ग्राहकों को पक्का बिल देते हैं । बाकी 95 फीसदी से अधिक मामलों में दुकानदार ग्राहकों को पक्का बिल नहीं देते हैं । पक्के बिल की चाह रखने वाले ग्राहकों को दुकानदार यह सीख देते हैं कि बिल लेने पर सौदे की रकम बढ सकती है तथा बिल न लेने पर दुकानदार और ग्राहक दोनों का फायदा है । ग्राहक और दुकानदार के बीच यही तय मानसिकता सरकार को अब तक बहुत बडा नुकसान पहुॅंचा चुकी है । हाल ही में ग्राहक और दुकानदार के बीच असमंजस की स्थिति दूर करने के लिये केन्द्रीय वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा जीएसटी रेट्स फाइंडर के नाम से एक मोबाईल एप जारी किया गया है । इसके उपयोग से विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की जीएसटी दरों की जानकारी ली जा सकेगी । कोई भी व्यक्ति इस एप को अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करके किसी भी वस्तु या सेवा का नाम दर्ज करके उसकी जीएसटी दर को प्राप्त कर सकते हैं । उदाहरण के लिये कोई भी व्यक्ति किसी होटल से प्राप्त बिल अथवा खरीदी गई वस्तु का बिल मिलने पर वसूली गई जीएसटी दर की सत्यता को इस एप की मदद से जाॅंच सकता है । कुल मिलाकर कोई भी करदाता अपनी आपूर्ति पर लागू सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी दर और मुआवजा उपकर को खोज सकता है । सरकार के इस कदम का मुख्य लक्ष्य जीएसटी दरों पर तैयार गणन पुस्तिका सुलभ कराना है । इससे वस्तुओं और सेवाओं की सही जीएसटी दर पता लगाने के मामले में न केवल करदाता, बल्कि भारत का हर नागरिक भी अब सक्षम होगा । इसी की अगली कडी में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने जीएसटी के कार्यान्वयन और उसमें जरूरी मदद के लिये एक जीएसटी केन्द्र की स्थापना की है । इसके माध्यम से प्रमुख उद्योग और कारोबारी संस्थाओं को यह टैक्स लागू करने में हर संभव मदद मिल सकेगी । यह केंद्र मंत्रालय से संबंधित किसी भी क्षेत्र के समक्ष आ रहे मसलों को सुलझाने के लिये संपर्क के प्रथम केंद्र के रूप में सेवाएॅं प्रदान करेगा तथा जीएसटी कानून, नियम, दर, संरचना आदि से संबंधित जानकारी से पूर्णतः सम्पन्न होगा । यह मंत्रालय जीएसटी के बारे में उद्योग जगत को जानकारी प्रदान करने के लिये कई कार्यक्रमों के आयोजन की प्रक्रिया में है और उसने नई कर व्यवस्था के बारे में जानकारी का प्रचार करने के लिये अनेक वैचारिक आयोजनों की रूपरेखा भी तैयार कर ली है । भारत सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि रोजमर्रा उपभोक्ता इस्तेमाल की वस्तुओं की आपूर्ति तथा उनकी कीमतों पर काबू रखने के लिये निगरानी समिति गठित की जाएगी । सरकार ने केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से परस्पर सम्पर्क साधने और बेहतर तालमेल के लिये कहा है ताकि जीएसटी को सुगमतापूर्वक लागू किया जा सके ।
X REPORT ABUSE Date 20-07-17 (11:51 AM)

Navneet

देश की तरक्की के लिए GST बहुत ही जरुरी हे / देश में दो नंबर का काम करने वालों पर नकेल लगेगी ! काला धन इकॉनमी में नहीं आएगा. हर एक व्यापारी किसी न किसी तरीके से कच्चे बिल काट कर टैक्स बचा रहा था अब वो काम नहीं होगा.! 10 लाख प्रॉफिट वाला सिर्फ 10 हज़ार प्रॉफिट दिखता था. आर्थिक विषमता दूर होगी. निश्चित रूप से GST से फायदा होगा. इसका फायदा नज़र आने में 2 -3 साल लग सकते हे पर निश्चित रूप से आम जनता को बेनिफिट मिलेगा. ये पक्का हे!
X REPORT ABUSE Date 18-07-17 (03:34 PM)

Mahesh Saraf

इसमें समय लगेगा परन्तु देश के उज्वल भविस्य के लिए बहुत अच्छा हे और जरुरी हे....
X REPORT ABUSE Date 17-07-17 (04:51 PM)

sandeep rathor

G S T achha to hai per ise sabhi parkar ki goods main lago karna chahiye jaise patrol sabse jayda tax inhi chizo per hai inhe bhi ek tax ki shrani main rakhna chahiye isse mahangai bhi kam ho jaygi logo ko bhi fayda hoga mager fayda to sirf goverment ko ho raha hai jaha govt.ko fayda hai un per gst nahi lagaya jaise wine etc govt. apna hi fayda dekhti hai bus
X REPORT ABUSE Date 17-07-17 (07:24 AM)

stalian jit

100% फायदा होगा, पहले भी आम जनता टैक्स के साथ वास्तु की कीमत चुकती थी! अब भी चूका रही है- अंतर इतना है की अब व्यापारी को बिल बनाना जरूरी हो गया है! पहले बिल के नाम पर टैक्स अलग से वसूलते थे! पैसा तो देश में ही घूमना है तिजोरी में रखना मुश्किल हो जायेगा! कुछ नागरिक धरम भी है हमारा की सरकार का साथ दें अगर फायदा नहीं होता तो बदल देंगे वयवस्था को अगले इलेक्शन में! आखिर सरकार जनहित के लिए बनाई जाती है!
X REPORT ABUSE Date 15-07-17 (07:15 PM)

sunny pathak

ह आयकर चोरो के लिए बनाया गया हे..जो कमाते तो करोडो में हे पर अपना टेक्स पूरी ईमानदारी से सरकार के खजाने में जमा नहीं करवाते हे..अब इस प्रवति पर अंकुश लगेगा ऐसी उम्मीद हे..रही बात मेह्गाई की तो धीरे धीरे उसमे भी कमी आएगी.. इसका तात्कालिक फायदा नहीं है . पर दूरगामी फायदा बहुत ज्यादा है . केंद्र एवं राज्य के राजस्व में इससे बहुत इजाफा होगा . इससे राज्य अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर सकेंगे . कर चोरी पर असरकारक लगाम लगेगी . जनता को फायदा होगा खासकर गरीब जनता को और जो लोग टैक्स चोरी करते है वही चिल्ला रहे है आम जनता को तो फायदा है मोदी जी का जी एस टी का निर्यण भारत की जनता की लिए बहुत फायदबंद है. किसी भी देश के निर्माण के लिए उसकी सरकार को पैसे की आवश्यकता होती है, जिसके लिए कर लगाए जाते हैं। अब तक कई प्रकार के कर केंद्र और राज्य सरकारें लगा रही थीं, जिससे एक ही देश में एक वस्तु का मूल्य अलग-अलग जगह पर अलग-अलग था। इसके अतिरिक्त इन कई प्रकार के करों पर लगातार नज़र रखना, और इनसे राज्यों को होने वाली आमदनी और उसे विकास कार्यों में खर्च किया जानाल सबकुछ बहुत पेचीदा होने के अलावा पारदर्शी भी नहीं था। परिणामस्वरूप कई राज्यों में शासक दल पैसे का दुरुपयोग करने के साथ ही यह आरोप लगाकर अपने विकास के कर्तव्य से बच जाते थे कि केन्द्र ने उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं दी। जीएसटी के बाद केंद्र और राज्य के स्तर पर कराधान और पैसे का वितरण पारदर्शी व आसान हो जाएगा और अलग-अलग कीमतों से मुक्ति मिलेगी, जिससे कई स्तरों पर मॉनिटरिंग की आवश्यकता भी कम होगी और केंद्र के साथ बातचीत के बाद तय किए गए कर तर्कसंगत दरों पर होंगे। ये कहना आसान है कि फलाँ चीज़ की कीमत बढ़ गई, लेकिन जीएसटी में युक्तियुक्तकरण की बहुत गुंजाइश है, और एक बार लागू हो जाने के बाद जहाँ आवश्यकता हो, दरों में परिवर्तन हो सकता है। इस सरकार ने नोटबंदी के समय भी दिखाया था कि वह नियमों को लेकर लचीलापन रखती है, अत: शुरुआत से परेशान होने की ज़रूरत नहीं, जीएसटी मुख्यत: अमीरों के धन को थोड़ा बेहतर सार्वजनिक उपयोग में लाएगा और विकास के लिए सरकार को बाजार के उधार पर निर्भर नहीं रहना होगा।
X REPORT ABUSE Date 14-07-17 (01:07 PM)

D B S SENGAR

परेशानी जी एस .टी से नहीं परेशानी ये हे की अब जो टेक्स खरीददार से वसूला गया हे उसमे से चोरी नहीं की जा सकेगी..सबसे बड़ा व्यापरियों के असंतोष का कारण भी ये ही हे...
X REPORT ABUSE Date 13-07-17 (05:20 PM)

D B S SENGAR

यह आयकर चोरो के लिए बनाया गया हे..जो कमाते तो करोडो में हे पर अपना टेक्स पूरी ईमानदारी से सरकार के खजाने में जमा नहीं करवाते हे..अब इस प्रवति पर अंकुश लगेगा ऐसी उम्मीद हे..रही बात मेह्गाई की तो धीरे धीरे उसमे भी कमी आएगी..
X REPORT ABUSE Date 13-07-17 (05:15 PM)

Raaj

सिर्फ राजनितिक फायदा लेने के लिए ही यह सब हुआ है
X REPORT ABUSE Date 13-07-17 (04:25 PM)