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टिप्पणियां

GHANSHYAM LAKHERA

This is a good budget for Railway Health & Wealth. After all people wants some facilities and speed. Thanks Prabhu Jee.
X REPORT ABUSE Date 28-02-15 (11:05 AM)

Kamal Kishor Bhall

Bhart desh ka bazat 2014 - 15 kafi achha hai. asa bazat abhi tak nihi bana
X REPORT ABUSE Date 28-02-15 (05:38 PM)

BHUPENDER JOSHI

देश कि आजादी के कई वर्सो तक ''ग़रीबी हटाओ" के नारे पर देश के गरीबों को छला गया, जब गरीब कम नही हुए और ये नारा अपना स्वरूप खोने लगा तब राज्नितिक दलों को एक और सगुफा हाथ ''फ्री'',पानी फ्री'' बिजली फ्री'' और क्या चाहिये जनता को ? आज हालत ये हे कि जो ज्यादा ''फ्री'' देगा जनता उसे राजा बना देगी...पर इस नई सरकार से ये उम्मीद बेमानी हे. मोदी घर बैठना पसंद करेगा पर देश के लोगो को फ्री का तोहफा कभी नही देंगा..ऐसा मेरा ही नही देश के अशक्य लोगो का हे...अब रेल बजट कि बात कि जाए अधिकांश दल लकीर के फ़कीर होते हे पर सुरेश प्रभु ने बता दिया कि अलग हट कर ही कुछ रेल कि भलाई के लिए किया जां सकता हे सो उन्होंने ऐसा बजट दिया जो बरसों से उपेक्षित रेल कि तरक्की के लिए अतिआय्श्यक था...अगर रेल ही बीमार होगी तो यात्री सुरक्षित हो ही नही सकते..मेरी और से रेल मंत्री को शुभ्काम्नाये..जय हिंद ..जय भारत...
X REPORT ABUSE Date 27-02-15 (04:45 PM)

D B S SENGAR

जबसे हमने तो होश सम्हला हे तभी से ये देखते आए थे कि रेल बजट का मतलब होता था जिस भी प्रदेश का रेल मंत्री होता था वहा वो रेल तोह्फो के तौर पर अपने प्रदेश और सहयोगी दलों के प्रदेश को उपहार में बाँटा करते थे, फिर चाहे रेल को कितना भी आर्थिक नुकसान हो ऐसा कर वो जनता के बीच सस्ती लोकप्रियता पा लेते थे,एक पूर्व रेल मंत्री ने लगातार कई सालों तक किराया नही बदाया,वो देहात से थे उन्होंने रेल को भेश मन कर उसे सिर्फ़ दोह्ते रहे बीना ये देखे कि भेष को भी चारा खिलाना होता हे, ऐसा कर वो ''मेनेग्मेंत गुरु'' बन गए..इसके बाद नए रेल मंत्री आए उन्होंने रैलवे कि हल्लत देख् कर यात्री किराया बदना चाहा.. उनकी सुप्रेमो नाराज हो गयी और रेल मंत्री अपने घर बैठा दिए गए..उसे बाद रैलमंत्री आए जिनका भांजा करोड़ों कि रिश्यत लेते पकड़ाया, कल वो टी. वी. पर चीख रहे थे कि यात्री किराया कम नही किया गया..कोई उन्हें सम्झाये रेल मंत्री का कोई ऐसा भांजा नही हे ...इन सब के पीछे मेरा कहने का सिर्फ़ एक ही मकसद हे देश में रेल को हमेशा अपने निजी लोकप्रियता के लिए बैज़ा इस्तेमाल ही किया गया हे..और जब रेल मंत्री में कुछ रेल कि भलाई के लिए साहसी कदम उठाये हे तो ये विधवा विलाप क्यो?
X REPORT ABUSE Date 27-02-15 (01:22 PM)