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टिप्पणियां

D B S SENGAR

मुझे लगता हे देश में आम जन में 'बहस'का कोई मुद्दा बाकी ही नही रहा हे,तभी 'नईदुनिया' को बहस में फिल्मों के बारे में राय सुमारी जानने के लिए पाठको को आमंत्रित किया जा रहा, मेरा अनुरोध हे कि देनिक को समाजिक सरोकार के उसके कर्तव्यों से भट्का कर फिल्मी पत्रिका ना बनाए,धन्यवाद.
X REPORT ABUSE Date 05-03-13 (12:10 PM)