इस लेख के लिए टिप्पणियाँ बंद हो गयी है..

टिप्पणियां

Amit Raj Gupta

हिन्दी बाज़ार कि भाषा तो बन गई है लेकिन ज्ञान कि भाषा नहीं बन सकी है.
X REPORT ABUSE Date 20-08-15 (02:37 PM)

एम के चन्द्रवंशी

हिंदी बाज़ार की भाषा तो है ही, साथ ही धीरे-धीरे अब ज्ञान ही भाषा भी बन रही है. ज्ञानार्जन अपनी भाषा में सुगम होता है.
X REPORT ABUSE Date 09-09-15 (09:12 AM)

RAJU JAIN

आज भी मैं हिन्दी का ही प्रयोग सबसे सरल है .लेकिन हिन्दी का जैसा प्रयोग इंटरनेट मैं होंक़ा चाहिए वैसा नही हैं . हिन्दी जैसी कोई सरल भासा हो तो , ( नेट में लिखने में ) इससे सुगम भाषा कोई हैं ही नही . इसका प्रयोग बढ़ाना जरूरी हैं . मजबूरी में इंग्लिश का प्रयोग करना पड़ता हैं , मुझे भी इंग्लिश नही आती हैं , टूटी फूटी इंग्लिश लिखना पड़ता है . इसलिए हिन्दी का बहुत स्कोप हैं इसे आगे ब्दहये
X REPORT ABUSE Date 14-09-15 (03:42 PM)