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Last Modified: शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 (07:44 IST)

तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी रिव्यू: प्यार, परिवार और दूरी की जंग

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri review
फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक शहरी रोमांटिक ड्रामा है, जिसे देखकर साफ महसूस होता है कि मेकर्स ने इसे बड़े स्केल, ग्लॉसी विजुअल्स और पुराने ज़माने की लव स्टोरी के आधार पर रचने की कोशिश की है। नतीजा यह है कि फिल्म कम जगह दिल छूती है और ज्यादातर जगह सतही भी लगती है। कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आती है जो निराश ज्यादा करती है। 
 
कहानी रेहान मेहरा उर्फ रे (कार्तिक आर्यन) और रूमी वर्धन (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द घूमती है। रे अमेरिका में रहने वाला है, जो अपनी मां पिंकी (नीना गुप्ता) के बेहद करीब है। वहीं रूमी आगरा में अपने पिता कर्नल अमर वर्धन सिंह (जैकी श्रॉफ) और बहन के साथ रहती है। दोनों की मुलाकात विदेश यात्रा के दौरान होती है, जहां पहले तकरार होती है और फिर वही नोंक-झोंक धीरे-धीरे प्यार में बदल जाती है।
 
सब कुछ परफेक्ट लगता है, लेकिन असली टकराव तब आता है जब भविष्य की राहें अलग-अलग दिशाओं में जाती दिखती हैं। एक तरफ अमेरिका में बसने की मजबूरी है, दूसरी तरफ बूढ़े पिता और परिवार की जिम्मेदारी। यहीं से फिल्म प्रेम कहानी से आगे बढ़कर परिवार, त्याग और रिश्तों की कसौटी पर खड़ी होती है।
 
फिल्म की कहानी का आइडिया जाना-पहचाना है। फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसका पहला हाफ है। शुरुआती हिस्से में रोमांस और ह्यूमर को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की गई है, लेकिन ज्यादातर मज़ाक असर नहीं छोड़ते। कई सीन नकली से लगते हैं तो कई सीन ऐसे लगते हैं, जिन्हें पहले भी कई फिल्मों में देखा जा चुका है। 
 
इंटरवल के बाद फिल्म संभलती है। यहां भावनाओं को जगह मिलती है और परिवार का ट्रैक कहानी में वजन जोड़ता है। निर्देशन साफ-सुथरा है, लेकिन लेखन में गहराई की कमी साफ दिखती है। कुछ सब-प्लॉट बिना असर छोड़े निकल जाते हैं और कुछ किरदार उम्मीद जगाकर अचानक गायब हो जाते हैं।
 
इस फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष कार्तिक आर्यन हैं। उन्होंने रे के किरदार में सहजता, मासूमियत और भावनात्मक उलझन को अच्छे संतुलन के साथ निभाया है। कमजोर लेखन के बावजूद वे फिल्म को थामे रखते हैं और कई सीन में दर्शकों से जुड़ जाते हैं।
 
अनन्या पांडे पहले के मुकाबले ज्यादा आत्मविश्वास में दिखती हैं और कुछ भावनात्मक दृश्यों में प्रभाव छोड़ती हैं, हालांकि उनकी केमिस्ट्री कार्तिक के साथ हर जगह मजबूत नहीं लगती।
 
जैकी श्रॉफ और नीना गुप्ता जैसे अनुभवी कलाकार फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं। खासतौर पर नीना गुप्ता का किरदार बेहद सहज और याद रह जाने वाला है। सहायक कलाकारों में कुछ चेहरे मनोरंजन करते हैं, लेकिन कई किरदार अधूरे से महसूस होते हैं।
 
फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। विशाल-शेखर के गाने कहानी के साथ अच्छे से मिक्स होते हैं। टाइटल ट्रैक और ‘हम दोनों’ जैसे गाने याद रह जाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भावनाओं को उभारने में मदद करता है।
 
सिनेमैटोग्राफी शानदार है। क्रोएशिया की लोकेशंस को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है, जिससे फिल्म देखने में आकर्षक बनती है। कॉस्ट्यूम, प्रोडक्शन डिजाइन और एडिटिंग तकनीकी रूप से मजबूत हैं और फिल्म को एक प्रीमियम लुक देते हैं।
 
‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें भावनाएं हैं, खूबसूरती है, अच्छे कलाकार हैं, लेकिन लेखन की कमजोरी इसे यादगार बनने से रोक देती है। यह उड़ान भरने की कोशिश करती है लेकिन ऊंचाई छू नहीं पाती। इसमें कुछ मोमेंट्स जरूर अच्छे हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत ही कम है।  
 
  • TU MERI MAIN TERA MAIN TERA TU MERI (2025)
  • निर्देशक: समीर विद्वांस आदित्य धर
  • गीत: अन्विता दत्त, कुमार 
  • संगीत: विशाल शेखर
  • कलाकार: कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे, जैकी श्रॉफ, नीना गुप्ता 
  • रेटिंग : 1.5/5