इस वर्ल्ड बुक डे पर आइए अपनी नजरें बड़े पर्दे से हटाकर शब्दों की दुनिया पर रखते हुए उन चुनिंदा बॉलीवुड हस्तियों की किताबों पर बात करते हैं, जिन्होंने जगबीती, की बजाय आपबीती बयां की है और बॉलीवुड की अपनी चमक-दमक भरी ज़िंदगी के पीछे की सच्चाई साझा की है।
इन आत्मकथाओं और संस्मरणों के जरिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी के संघर्ष, भावनाओं और अनुभवों की एक सच्ची झलक दिखाई है। तो आइए इस वर्ल्ड बुक डे पर उन किताबों पर एक नज़र डालते हैं, जो सिर्फ़ सेलिब्रिटीज़ की कहानियां नहीं, बल्कि इंसानी अनुभवों, संघर्षों और आत्म-खोज की ऐसी यात्राएं हैं जो हर पाठक को कहीं न कहीं खुद से जोड़ती हैं और उन्हें ज़िंदगी जीने का एक नया नज़रिया देती हैं।
ऋषि कपूर - खुल्लम खुल्ला
अपनी बेबाक छवि की तरह ही ऋषि कपूर ने अपनी यह किताब भी बेहद साफ़गोई से लिखी है। इसमें उन्होंने अपने फिल्मी करियर, पारिवारिक विरासत, निजी रिश्तों और विवादों पर बिना किसी झिझक के विचार सामने लाए हैं।
प्रियंका चोपड़ा जोनस - अनफिनिश्ड
प्रियंका चोपड़ा जोनस ने अपने इस किताब में बरेली से लेकर ग्लोबल स्टार बनने तक के अपने सफर को बयां किया है। इसमें उनकी मेहनत, संघर्ष और बॉलीवुड से हॉलीवुड तक के सफर की कहानी है।
नसीरुद्दीन शाह – एंड देन वन डे: ए मेमोयर / ए नॉर्मल फैमिली
नसीरुद्दीन शाह की लेखनी भी उनकी अदाकारी की तरह गहरी है। उनकी यह आत्मकथाएँ उनके बचपन, संघर्ष और एक कलाकार के रूप में विकास को बेहद संवेदनशील तरीके से पेश करती हैं।
कुब्रा सैत - ओपन बुक
कुब्रा सैत की यह किताब साहसी और बेहद व्यक्तिगत है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान, संघर्ष और आत्म-स्वीकृति की यात्रा को खुलकर साझा किया है।
सोहा अली खान - द पेरिल्स ऑफ बिंग मॉडरेटली फेमस
सोहा अली खान ने अपनी इस किताब में अपनी खास शैली में एक प्रसिद्ध परिवार का हिस्सा होने के अनुभव और अपनी अलग पहचान बनाने की कहानी को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश किया है।
करण जौहर - ऐन अनसुटेबल बॉय
करण जौहर ने इस किताब में न सिर्फ अपने निजी और पेशेवर जीवन के कई पहलुओं को उजागर किया है, बल्कि बॉलीवुड के अंदरूनी कामकाज और अपने भावनात्मक अनुभवों पर भी बात की है।
इमरान हाशमी - द किस ऑफ़ लाइफ
इमरान हाशमी की यह किताब उनके बेटे की कैंसर से लड़ाई पर आधारित एक भावनात्मक कहानी है, जो एक पिता के डर, उम्मीद और हिम्मत को दर्शाती है।
आयुष्मान खुराना - क्रैकिंग द कोड
आयुष्मान खुराना अपनी इस किताब में एक आउटसाइडर के रूप में बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के संघर्ष और अलग सोच को साझा करते हैं।
ट्विंकल खन्ना - मिसेस फनीबोन्स
ट्विंकल खन्ना अपनी खास ह्यूमर और तीखे अवलोकन के साथ रोज़मर्रा की ज़िंदगी, रिश्तों और समाज पर एक मज़ेदार और सोचने पर मजबूर करने वाला नजरिया पेश करती हैं।