साउथ इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर आर. बी. चौधरी का एक सड़क हादसे में दुखद निधन हो गया है। 5 मई को राजस्थान में उनकी कार एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। 76 वर्षीय आरबी चौधरी की इस आकस्मिक मृत्यु से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
खबरों के अनुसार यह हादसा मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे राजस्थान के ब्यावर जिले में जूनथा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। आर.बी. चौधरी लिलांबा गांव में अपने एक रिश्तेदार की शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क के किनारे एक दीवार से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि निर्माता आर.बी. चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद, उनके ड्राइवर गौतम सीरवी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा था।
दिग्गज फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
आर.बी. चौधरी के निधन पर टॉलीवुड और कॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है और उनके साथ बिताए पलों को याद किया है। सुपरस्टार रजनीकांत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा, मेरे प्रिय मित्र, सुपर गुड फिल्म्स के आर.बी. चौधरी एक बेहतरीन निर्माता और अद्भुत इंसान हैं। उन्होंने अनगिनत युवा निर्देशकों को मौका दिया और फिल्म जगत को जीवंत रखा। उनका असामयिक निधन मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा है।
अभिनेता और राजनेता चिरंजीवी ने कहा, आर.बी. चौधरी गारू के निधन से मेरा दिल टूट गया है। मैं उन्हें कई वर्षों से जानता था। 'गॉडफादर' फिल्म के दौरान भी उनका सहयोग मिला। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान शब्दों से परे है।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी दुख जताते हुए कहा कि चौधरी का जाना दोनों फिल्म उद्योगों (तमिल और तेलुगु) के लिए एक बड़ी क्षति है।
आर.बी. चौधरी ने 1988 में 'सुपर गुड फिल्म्स' की स्थापना की थी। उनका जन्म 1949 में हुआ था और फिल्मों में कदम रखने से पहले वे स्टील व आभूषण के व्यवसाय से जुड़े थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म उद्योग से की थी, जिसके बाद 1989 में उन्होंने तमिल सिनेमा में प्रवेश किया।
चौधरी ने अपने चार दशकों के लंबे करियर में कई ब्लॉकबस्टर और पारिवारिक फिल्में दीं। उनकी पहली तमिल फिल्म पुधु वसंतम् (1990) ने उन्हें बहुत सफलता दिलाई। इसके अलावा, नट्टामै (1994), सूर्यवंसम (1997), थुल्लथा मनममथुल्लुम (1999), आनंदहम (2001), जिला (2014) और मारिसन' (2025) जैसी फिल्में उनकी उत्कृष्ट निर्माण क्षमता का प्रमाण हैं।
आर.बी. चौधरी के परिवार में उनकी पत्नी महजबीन और चार बेटे हैं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए चेन्नई लाया जा रहा है, जहाँ फिल्म उद्योग के तमाम दिग्गज उन्हें अंतिम विदाई देंगे।