'मां-बहन पर गाली नहीं देंगे...' सुविंदर विक्की ने बताया आदित्य धर का सख्त नियम, सेंसर बोर्ड पर भी किया खुलासा
आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' रिलीज होने के बाद से ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मल्टीस्टारर फिल्म में जहां दमदार एक्शन और थ्रिल देखने को मिला, वहीं एक और चीज़ जिसने दर्शकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी फिल्म में अर्जुन रामपाल के ऑन-स्क्रीन पिता का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुविंदर विक्की की एंट्री।
सुविंदर विक्की का 'धुरंधर: द रिवेंज' में रोल भले ही छोटा था, लेकिन उनके तीखे डायलॉग्स और आक्रामक अंदाज ने थिएटर में धूम मचा दी। फिल्म में उनके किरदार का ज़्यादातर समय अपने ऑन-स्क्रीन बेटे (अर्जुन रामपाल) पर गालियों की बौछार करने में बीता।
हाल ही में एक इंटरव्यू में सुविंदर ने फिल्म के इन विवादित और तीखे संवादों, सेंसर बोर्ड के रवैये और निर्देशक आदित्य धर के साथ अपनी बातचीत पर खुलकर बात की है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सुविंदर विक्की ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्हें लगा था कि उनके डायलॉग्स सेंसर बोर्ड के पास जाकर पूरी तरह म्यूट हो जाएंगे।
सुविंदर ने कहा, मैंने मजाक में निर्देशक आदित्य धर से कहा था कि मेरे जितने भी डायलॉग्स हैं, उन सब पर तो बड़ा सा 'बीप' बजने वाला है। इससे बेहतर तो यही होता कि आप मुझे फिल्म में किसी गूंगे व्यक्ति का रोल दे देते, क्योंकि मैं स्क्रीन पर इतनी गालियां दे रहा हूं।
लेकिन आदित्य धर अपनी पटकथा और सेंसर नियमों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे। उन्होंने सुविंदर से साफ़ कहा कि गालियों के बावजूद फिल्म का एक भी शब्द सेंसर बोर्ड द्वारा नहीं काटा जाएगा। आदित्य का यह आत्मविश्वास आखिरकार सही भी साबित हुआ।
गालियों की भी थी सीमा: 'माँ-बहन पर नहीं जाएंगे'
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर गालियों के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ती रहती है। इस पर बात करते हुए सुविंदर ने साफ़ किया कि इन संवादों का पूरा श्रेय फिल्म के पटकथा लेखक और निर्देशक को जाता है।
सुविंदर ने कहा, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे बेहतरीन निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिलता है। इस फिल्म में क्रेडिट आदित्य धर और हमारी स्क्रिप्ट टीम को जाता है। जो भी गालियां थीं, वे सब स्क्रिप्ट में पहले से लिखी हुई थीं, मैंने खुद से कुछ नहीं जोड़ा।
उन्होंने आगे बताया कि जब उन्हें लगा कि गालियां नहीं कटेंगी, तो उन्होंने सीन में अपनी तरफ से कुछ और इम्प्रोवाइज़ेशन करने की कोशिश की। लेकिन आदित्य धर ने तुरंत उन्हें रोक दिया। आदित्य धर की सोच को स्पष्ट करते हुए सुविंदर बोले, "आदित्य ने मुझे उसी वक्त रोक दिया और कहा— 'हम कभी भी मां-बहन पर गाली नहीं देंगे। फिल्मों के जरिए किसी की भावनाओं या मर्यादा को ठेस न पहुंचाना भी हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है।'
परदे पर भले ही सुविंदर का किरदार अर्जुन रामपाल के चरित्र के प्रति बेहद सख्त और गाली-गलौज से भरा था, लेकिन ऑफ-स्क्रीन दोनों कलाकारों के बीच ज़बरदस्त बॉन्डिंग है। सुविंदर ने खुलासा किया कि 'धुरंधर: द रिवेंज' से पहले वे दोनों फिल्म 'सतलुज' में एक साथ काम कर चुके थे, जिससे उनके बीच एक सहज तालमेल पहले से बना हुआ था।
सुविंदर ने बताया, जब मैंने अर्जुन को अपने तीखे डायलॉग्स के बारे में आगाह किया कि मैं उन्हें स्क्रीन पर ऐसी-ऐसी गालियां देने वाला हूं, तो अर्जुन ने बहुत ही कूल अंदाज़ में कहा— 'अरे यार, यह सब तो जिंदगी का हिस्सा है... तू कैमरे के सामने जाकर बस फाड़ दे!'
सुविंदर विक्की ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रोल छोटा हो या बड़ा, अगर अभिनय में सच्चाई हो तो वह दर्शकों के दिमाग पर गहरी छाप छोड़ जाता है। 'धुरंधर: द रिवेंज' की शानदार सफलता के बाद, सुविंदर विक्की अब जल्द ही इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' में नज़र आने वाले हैं।

