Sunidhi Chauhan Birthday: पढ़ाई छोड़कर चुनी गायकी, 14 की उम्र में जगराते से शुरू हुआ सफर
भारतीय संगीत जगत की वर्सटाइल और पावरहाउस गायिका सुनिधि चौहान 14 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रही हैं। अपनी बुलंद आवाज, जादुई थिरकन और बेबाक अंदाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली सुनिधि ने यह मुकाम रातों-रात हासिल नहीं किया। उनकी सफलता की इमारत के पीछे बचपन के संघर्ष, त्याग, पढ़ाई छोड़ने का कड़ा फैसला और निजी जिंदगी के गहरे जख्म छिपे हैं।
सुनिधि चौहान के जन्मदिन पर जानते हैं उनके दिल्ली की गलियों से लेकर बॉलीवुड की 'रॉकस्टार' बनने तक का वह सफर, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सुनिधि का बचपन आम बच्चों की तरह खिलौनों और किताबों के बीच नहीं बीता। महज 11 साल की नन्हीं उम्र में उनके पिता की नौकरी छूट गई। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ, तो पूरा परिवार उम्मीद का दामन थामकर दिल्ली से सपनों के शहर मुंबई आ गया।
घर के हालात भले ही ठीक नहीं थे, लेकिन सुनिधि के अंदर संगीत का एक उबलता हुआ समंदर था। उन्होंने अपनी पढ़ाई को बीच में ही विराम दे दिया ताकि वे संगीत को अपना पूरा वक्त दे सकें। उन्होंने बिना किसी पछतावे के एक इंटरव्यू में खुलकर कहा था, मैंने पढ़ाई इसलिए छोड़ दी क्योंकि मेरा मन किताबों में नहीं, सुरों में लगता था। मुझे सिंगर बनने के अपने फैसले पर आज भी कोई मलाल नहीं है।
सुनिधि जब महज 14 साल की थीं, तब वे रियाज करने के लिए महंगे गुरुओं के बजाय सीडी कैसेट्स का सहारा लिया करती थीं। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने गुजारे के लिए ढेरों जगरातों और 'माता की चौकी' में भजन गाए।
सुनिधि की किस्मत का ताला साल 1996 में खुला, जब उन्होंने दूरदर्शन के चर्चित सिंगिंग रिएलिटी शो 'मेरी आवाज सुनो' में भाग लिया। अपनी सुरीली तान से सुनिधि ने न केवल यह प्रतियोगिता जीती, बल्कि खुद स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के हाथों ट्रॉफी प्राप्त की। लता जी का यह आशीर्वाद उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद वे 'लिटिल वंडर्स ट्रूप' की लीड सिंगर बनकर उभरीं।
13 भाषाओं में बिखेरा जादू, फिल्म 'शस्त्र' से किया बॉलीवुड डेब्यू
साल 1996 में सुनिधि ने फिल्म 'शस्त्र' के सुपरहिट ट्रैक "लड़की दीवानी लड़का दीवाना" से उदित नारायण और आदित्य नारायण के साथ बॉलीवुड में अपना पहला धमाकेदार कदम रखा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
हिंदी सिनेमा को शीला की जवानी, कमली, बीड़ी जलाईले और डांस पे चांस जैसे अनगिनत कल्ट चार्टबस्टर गाने देने वाली सुनिधि ने केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, पंजाबी, उर्दू और नेपाली जैसी 13 से ज्यादा भाषाओं में अपनी गायकी का लोहा मनवाया।
18 की उम्र में परिवार के खिलाफ शादी
सुनिधि का करियर जितनी तेजी से आसमान छू रहा था, उनकी पर्सनल लाइफ में उतना ही बड़ा तूफान आया। महज 18 साल की उम्र में सुनिधि को कोरियोग्राफर और डायरेक्टर बॉबी खान से प्यार हो गया, जो उनसे उम्र में 14 साल बड़े थे। अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर सुनिधि ने बॉबी खान से शादी रचा ली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शादी के लिए उन्होंने अपना धर्म तक बदल लिया था। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं टिक सका और महज एक साल के भीतर ही दोनों का तलाक हो गया। 19-20 साल की उम्र में सुनिधि पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन उन्होंने संगीत को ही अपना सहारा बनाया और फिर से खड़ी हुईं।
हितेश सोनिक के रूप में मिला सच्चा हमसफर
टूटे दिल और बिखरे सपनों को समेटकर सुनिधि ने अपनी जिंदगी को दूसरा मौका दिया। साल 2012 में उन्होंने अपने पुराने दोस्त और मशहूर म्यूजिक कंपोजर हितेश सोनिक के साथ सात फेरे लिए। साल 2018 में सुनिधि और हितेश के घर एक प्यारे से बेटे का जन्म हुआ। आज सुनिधि अपनी खुशहाल शादीशुदा जिंदगी का आनंद ले रही हैं और लगातार लाइव कॉन्सर्ट्स के जरिए अपने फैंस को झूमने पर मजबूर कर रही हैं।

