माता की चौकी में क्या हुआ था? पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में सुधा चंद्रन ने खोला 'उस रात' का राज
टेलीविजन जगत की दिग्गज अभिनेत्री सुधा चंद्रन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। 'माता की चौकी' के दौरान शूट किए गए इस वीडियो में सुधा चंद्रन 'आध्यात्मिक रूप से किसी शक्ति के वश में' लग रही थीं।
वीडियो वायरल होने के बाद जहां कुछ लोग इसे 'दैवीय चमत्कार' मान रहे थे, वहीं कुछ इसे अंधविश्वास से जोड़ रहे थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सुधा चंद्रन को काफी ट्रोल भी किया गया। अब एक्ट्रेस ने खुद सामने आकर इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा है।
सुधा चंद्रन ने पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में इस बारे में बात की। जब सुधा से पूछा गया कि 'अभी आपकी एक वीडियो बहुत वायरल हो रही है, माता की चौकी। आप पर माता आती हैं?' इस पर एक्ट्रेस ने कहा, बहुत बड़ा शब्द है वो, मुझमें माता आती हैं, मुझे नहीं पता। लेकिन माता आकर मुझे आशीर्वाद जरूर देती हैं।
सुधा ने कहा, जब मैं मुंबई आई तो मैंने पति से चौकी की बातकी और फिर तब से माता की चौकी कर रहे हैं। 22-23 साल हो गए। साल के पहले शनिवार को हम ये करते हैं। और इस बार ज्यादा हाई एनर्जी आई थी। रवि (सुधा के पति) ने बाद में बताया कि मैंने 10 मिनट के अंदर 4.5 लीटर पानी पीया था। मैं पानी के लिए भीख मांग रही थी। उसके बाद डेढ़ दिन तक थकावट थी।
सुधा ने बताया कि वह वीडियो पूरी तरह से अनफिल्टर्ड और नेचुरल था। उन्होंने कहा, जब मैं मां की भक्ति में होती हूं, तो मुझे होश नहीं रहता। वह कोई 'पब्लिसिटी स्टंट' नहीं था। उन्होंने साफ किया कि वह बचपन से ही बहुत धार्मिक रही हैं और उस समय संगीत की धुन और भक्ति के माहौल ने उन्हें पूरी तरह से भावविभोर कर दिया था।
एक्ट्रेस ने इस बात पर थोड़ा अफसोस भी जताया कि उनके एक अत्यंत निजी और धार्मिक पल को सार्वजनिक कर दिया गया। उन्होंने कहा, प्रार्थना हर किसी का निजी मामला है। मैं वहां एक सेलिब्रिटी के तौर पर नहीं, बल्कि एक भक्त के तौर पर गई थी। मुझे दुख है कि लोग इसे सनसनीखेज बना रहे हैं।
क्या था वायरल वीडियो में
वायरल वीडियो में सुधा चंद्रन माता की चौकी में बैठी नजर आ रही हैं। जैसे ही भजन और ढोल की थाप तेज होती है, सुधा का शरीर असामान्य रूप से कांपने लगता है और वह पूरी तरह से अपनी सुध-बुध खो देती हैं। उनके चेहरे के हाव-भाव और शरीर की भाषा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी आध्यात्मिक अवस्था में चली गई हों।