संभावना सेठ ने 30वीं मंजिल से कराया घरेलू सहायिका का रेस्क्यू, 2 दिन तक नहीं दिया खाना
एक्ट्रेस संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का खुलासा किया है। नवी मुंबई के खारघर इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के 30वें माले पर एक हाउस हेल्प को अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता संभावना सेठ के घर में 24 घंटे काम करने वाली सहायिका की बड़ी बहन है।
अविनाश द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस पूरी आपबीती को बयां किया। अविनाश के मुताबिक, दो दिन पहले हमारी हाउस हेल्प गुड़िया अचानक फूट-फूटकर रोने लगी। जब हमने उससे कारण पूछा, तो पता चला कि उसकी बड़ी बहन एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए नौकरी पर लगी थी। शुरुआत में उसे सिर्फ पालतू जानवरों की देखभाल करने के लिए मीठी-मीठी बातें करके रखा गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में उस पर घर के झाड़ू-पोछा, खाना बनाने जैसे सभी भारी कामों का बोझ डाल दिया गया।
पीड़िता का हाल ही में सी-सेक्शन हुआ था, जिसके कारण वह भारी काम करने की स्थिति में नहीं थी। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसने नौकरी छोड़कर जाने की इच्छा जताई, तो एम्प्लॉयर का रवैया क्रूर हो गया।
संभावना सेठ ने बताया कि जब पीड़िता की हालत बिगड़ी, तो उसने किसी तरह संभावना को कॉल कर मदद की गुहार लगाई। एक्ट्रेस के अनुसार, लड़की ने रोते हुए मुझसे कहा— दीदी, मुझे किसी भी तरह यहाँ से बचा लो। सुबह से 4 बार उल्टी हो चुकी है, 2 दिन से मुझे खाना नहीं दिया गया है।
अत्याचार की हद तब पार हो गई जब महिला का पहचान पत्र और कपड़े तक जब्त कर लिए गए ताकि वह घर से भाग न सके। इतना ही नहीं, पीड़िता को धमकी दी गई कि "अगर भागने की कोशिश की, तो टुकड़े-टुकड़े करके फेंक देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा।"
संभावना का कॉल और साहसिक रेस्क्यू
मामले की गंभीरता को देखते हुए संभावना सेठ ने खुद उस मकान मालिक को फोन किया। संभावना ने बताया, "जब उस महिला ने मुझे पहचाना तो कहने लगी कि वह मेरी बहुत बड़ी फैन है। मैंने उससे बहुत विनम्रता से कहा कि अगर पैसे का कोई लेन-देन या विवाद है तो मैं खुद दे दूंगी, लेकिन उस लड़की को जाने दें।"
इसके बाद प्लेसमेंट एजेंसी के सदस्यों और एनजीओ से जुड़ी एक साहसी महिला की मदद से खारघर स्थित 30वें फ्लोर के फ्लैट में घुसकर पीड़िता को सकुशल बाहर निकाला गया। इस भाग-दौड़ और धक्का-मुक्की में पीड़िता को कई शारीरिक चोटें भी आईं।
अविनाश और सम्भावना ने खारघर स्थानीय पुलिस की शुरुआती ढिलाई पर निराशा व्यक्त की, लेकिन मुंबई के बांगर नगर पुलिस स्टेशन की त्वरित कार्रवाई की जमकर तारीफ की। अविनाश ने बताया कि बांगर नगर पुलिस ने देर रात तक बैठकर पूरी बात सुनी, एफआईआर दर्ज की, सबूत जुटाए और पीड़िता का मेडिकल बयान दर्ज किया।
संभावना की अपील
वीडियो के अंत में संभावना सेठ ने समाज और पड़ोसियों से अपील करते हुए कहा कि यह मामला अमीर या गरीब का नहीं, बल्कि इंसानियत का है। अगर आपके आसपास या किसी सोसाइटी में किसी बेबस या घरेलू नौकर के साथ ऐसा अन्याय हो रहा हो, तो चुप न रहें। आपका एक कदम या एक दस्तक किसी निर्दोष की जान बचा सकती है।

