विशाल भारद्वाज ने इस वजह से सैफ अली खान को 'ओमकारा' का रोल देने से मना, फिर बने 'लंगड़ा त्यागी'
बॉलीवुड में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो एक्टर्स की किस्मत और पहचान दोनों को हमेशा के लिए बदल देते हैं। सैफ अली खान के करियर में फिल्म 'ओंकारा' (2006) का 'लंगड़ा त्यागी' एक ऐसा ही मील का पत्थर है। हाल ही में सैफ अली खान ने IMDb को दिए एक इंटरव्यू में उस ऐतिहासिक रोल के मिलने की बेहद जादुई और दिलचस्प कहानी साझा की है।
सैफ अली खान की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, क्योंकि इसमें एक तरफ उनकी मां और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर थीं, तो दूसरी तरफ डायरेक्टर विशाल भारद्वाज का एक अनपेक्षित फोन कॉल।
सैफ अली खान ने उस वाकये को याद करते हुए बताया कि वह जयपुर में किसी प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे थे और एक होटल में ठहरे हुए थे। उसी दौरान उनकी मां शर्मिला टैगोर ने उनसे फोन पर बात की। शर्मिला जी ने सैफ की तारीफ करते हुए कहा, "तुम एक दिलचस्प अभिनेता के रूप में उभर रहे हो और मुझे तुम्हारा ग्राफ पसंद आ रहा है। तुम्हें अब शेक्सपियर के नाटकों पर आधारित कोई रोल करना चाहिए।"
सैफ ने मां की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि अगर मौका मिले तो यह बेहतरीन होगा। इस पर शर्मिला टैगोर ने सुझाव दिया, 'तुम्हें 'ओथेलो' (Othello) जैसा कुछ ट्राई करना चाहिए।'
कमाल का इत्तेफाक देखिए कि जैसे ही सैफ ने मां से फोन पर बात खत्म की, अगले ही पल उनके फोन की घंटी दोबारा बजी। स्क्रीन पर नाम था—विशाल भारद्वाज! विशाल ने फोन उठाते ही कहा, मैं तुम्हें एक फिल्म ऑफर करने की सोच रहा हूं। मैं शेक्सपियर के नाटक पर काम कर रहा हूं। सैफ हैरान रह गए और उनके मुंह से बस 'क्या?' निकला। जब विशाल ने आगे कहा कि वह 'ओथेलो' बना रहे हैं, तो सैफ के होश उड़ गए।
सैफ को शुरुआत में लगा कि विशाल भारद्वाज उन्हें मुख्य किरदार यानी 'ओथेलो' (जो बाद में अजय देवगन ने 'ओंकारा' के रूप में निभाया) ऑफर कर रहे हैं। जब विशाल उनसे मिलने पहुंचे, तो सैफ ने सीधे पूछ लिया, "क्या मैं ओथेलो खेल रहा हूँ?"
इस पर विशाल भारद्वाज ने हंसते हुए जवाब दिया, "नहीं, नहीं, तुम ओथेलो का रोल करने के लिए बहुत ज्यादा हैंडसम हो!" विशाल का यह अपना तरीका था सैफ को बताने का कि उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा है। विशाल ने सैफ के सामने फिल्म के विलेन यानी 'लंगड़ा त्यागी' (शेक्सपियर के मूल नाटक का 'इयागो') का किरदार रखा।
सैफ के लिए यह यकीन करना मुश्किल था कि 'दिल चाहता है' (2001) जैसी मॉडर्न और अर्बन फिल्म में 'समीर' जैसे चुलबुले और चार्मिंग लड़के का रोल देखने के बाद कोई उन्हें यूपी के बैकड्रॉप वाले एक क्रूर और लंगड़ाते हुए खलनायक के रूप में सोच सकता है। लेकिन विशाल भारद्वाज ने सैफ की उसी मासूमियत के पीछे छिपे ग्रे-शेड्स को पहचान लिया था। सैफ ने इस चुनौती को स्वीकार किया, अपनी चॉकलेट-बॉय इमेज को पूरी तरह तोड़ा।
'लंगड़ा त्यागी' जैसी कल्ट परफॉर्मेंस की यादों को ताजा करने के बाद सैफ अली खान अब अपने करियर के एक और बड़े धमाकेदार प्रोजेक्ट की तरफ बढ़ रहे हैं। सैफ बहुत जल्द मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन की अपकमिंग साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'हैवान' में नजर आने वाले हैं। इसके जरिए सैफ अली खान और अक्षय कुमार की सुपरहिट जोड़ी पूरे 17 साल बाद बड़े पर्दे पर एक साथ वापसी कर रही है।

